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Tuesday, March 31, 2026
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अमेरिका से डिपोर्ट होंगे हजारों छात्र, स्टूडेंट वीजा कैंसिल कर ट्रंप दिखाएंगे बाहर का रास्ता, मगर क्यों?

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार बड़ी संख्या में छात्रों के स्टूडेंट वीजा को रद्द कर उन्हें उनके देश डिपोर्ट करने की तैयारी कर रही है। इस काम में ट्रंप सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद लेगी। विदेश मंत्रालय AI के जरिए उन विदेशी छात्रों के स्टूडेंट वीजा की समीक्षा और रद्द करने करने वाला है, जिन्होंने कॉलेजों में इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए हमास का समर्थन किया था। न्यूज पोर्टल Axios ने सीनियर अधिकारियों के हवाले से इसकी जानकारी दी है।

सरकार ने इस पहल को ‘कैच एंड रिवोक’ नाम दिया है, जिसका हिंदी में मतलब ‘पकड़ों और रद्द करो’ है। इस पहल के तहत AI के जरिए हजारों स्टूडेंट वीजा होल्डर्स के सोशल मीडिया अकाउंट्स का एनालिसिस होगा। यह कदम पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जनवरी में साइन किए गए एक कार्यकारी आदेश के बाद उठाया जा रहा है, जिसका मकसद यहूदी-विरोधी भावना का मुकाबला करना था। ट्रंप ने फिलिस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शनों में शामिल विदेशी कॉलेज छात्रों को डिपोर्ट करने का भी वादा किया था।

प्रदर्शन की खबरों और कानूनी मामलों की भी चल रही जांच
अधिकारी फिलहाल कॉलेज कैंपसों में इजरायल के विरोध में हुए प्रदर्शन की खबरों और यहूदी छात्रों के जरिए दायर किए गए कानूनी मामलों की जांच कर रहे हैं, जिनमें विदेशी नागरिकों पर यहूदी-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। यहां गौर करने वाली बात ये है कि फिलिस्तीन समर्थक कुछ प्रदर्शनकारियों में यहूदी समूह भी शामिल हैं। कई लोगों ने यहूदी-विरोध और हमास दोनों की निंदा की है, लेकिन विरोधी प्रदर्शनों में यहूदी-विरोध और इस्लामोफोबिया की घटनाएं सामने आई हैं।

प्रदर्शनकारियों को किया जाएगा गिरफ्तार
विदेश मंत्रालय इस प्रयास में न्याय और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है। तीनों ही मंत्रालयों ने टिप्पणी करने से इनकार किया है। ट्रंप ने उन संस्थानों को भी चेतावनी दी है, जिन्होंने अपने यहां अवैध प्रदर्शन होने दिए हैं। राष्ट्रपति ने कहा है कि ऐसे संस्थानों की फंडिंग रोक दी जाएगी। ट्रंप ने मंगलवार को कहा, “प्रदर्शनकारियों को कैद किया जाएगा/ या स्थायी रूप से उनके देश डिपोर्ट कर दिया जाएगा। अमेरिकी छात्रों को निष्काषित किया जाएगा या फिर वे गिरफ्तार होंगे।”

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