क्या आप विदेश में नौकरी करना चाहते हैं? अगर आपका जवाब हां है, तो फिर आपको न्यूजीलैंड में नौकरी करने से बचना चाहिए। किसी दूसरे देश में जाकर जॉब करना जीवन बदलने वाला फैसला होता है, लेकिन इसके साथ अवसर और चुनौतियां दोनों आती हैं। कुछ पराए मुल्क में जीवन अच्छे से शुरू कर पाते हैं, जबकि कुछ लोगों को संघर्ष करना पड़ता है। न्यूजीलैंड एक ऐसा देश है, जहां बहुत से भारतीयों को नौकरी करने और रहने के दौरान परेशानी हो सकती है।
हाल ही में न्यूजीलैंड में पले-बढ़े एक भारतीय ने यहां की सच्चाई से दुनिया को रूबरू करवाया है। उसने बताया कि किस तरह वह न्यूजीलैंड में आने वाली चुनौतियों का सामना नहीं कर पाया और फिर भारत लौट आया। Reddit पर एक पोस्ट में शख्स ने बताया कि यहां रहने के कई नुकसान हैं। उसने न्यूजीलैंड जाने की सोच रहे लोगों को चेतावनी दी कि वहां महंगाई बहुत ज्यादा हैं, जॉब्स के मौके कम हैं और एक छोटे से शहर जैसा अहसास होता है। उसने हेल्थकेयर की समस्या को भी उजागर किया।
दूर-दराज होने से न्यूजीलैंड में चीजें महंगी: भारतीय
एक लंबी-चौड़ी पोस्ट में भारतीय ने बताया कि किस तरह न्यूजीलैंड के दूर-दराज होने की वजह से यहां हर चीज काफी ज्यादा महंगी है। उसने बताया, “न्यूजीलैंड एक दूर-दराज देश है, इसलिए यहां सामान महंगा होता है। यहां पर शिपिंग कॉस्ट ज्यादा लगती है। दूर-दराज होने का मतलब है कि न्यूजीलैंड का कोई पड़ोसी देश नहीं है। हो सकता है कि ऐसी स्थिति भारत के लिए अच्छी हो, लेकिन न्यूजीलैंड को ये चीज एक छोटे शहर में तब्दील कर देती है। आप दुनिया के बाकी हिस्सों से जुड़े हुए नहीं महसूस करते।”
न्यूजीलैंड में नौकरी के कम अवसर
भारतीय ने ये भी बताया कि किस तरह यहां की कम आबादी की वजह से नौकरी के मौके भी कम हैं, क्योंकि कंपनियां न्यूजीलैंड में निवेश नहीं करना चाहती हैं। भारतीय शख्स ने बताया, “50 लाख की न्यूजीलैंड की छोटी आबादी इसे कई अंतरराष्ट्रीय बिजनेसों के लिए एक अनाकर्षक बाजार बनाती है। बहुत सारी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां न्यूजीलैंड में निवेश करने का कोई मतलब नहीं देखती हैं। उदाहरण के लिए, लगभग एक साल पहले Nike ने अपना न्यूजीलैंड ऑनलाइन स्टोर बंद कर दिया था, इसलिए अब अगर आप ऑनलाइन खरीद रहे थे तो आपको विदेशों से Nike प्रोडक्ट्स को शिप करना होगा।”
न्यूजीलैंड में जीवन बेजान
भारतीय शख्स के मुताबिक, न्यूजीलैंड में जीवन बहुत ही नीरस और बेजान है। यहां भारत जैसी रौनक और सामाजिक ऊर्जा नहीं है। ज्यादातर दुकानें शाम 5-6 बजे बंद हो जाती हैं। बड़े शॉपिंग मॉल भी शाम 7 बजे बंद हो जाते हैं। रात 8:30 बजे के बाद शहर में बहुत कम लोग दिखते हैं। उसने बताया, “सबसे बड़े शॉपिंग मॉल सभी शाम 7 बजे बंद हो जाते हैं। अधिकांश दुकानें 5-6 बजे बंद हो जाती हैं। आप रात 8:30 बजे के बाद शहर के सेंटर में जाएं तो शायद ही कोई बाहर घूम रहा हो। लोग सब घर पर हैं, क्योंकि चीजें महंगी हैं। खाने-पीने के अलावा वास्तव में करने के लिए बहुत कुछ नहीं है।”
एक सर्वे का हवाला देते हुए, जिसमें प्रवासियों ने न्यूजीलैंड को दुनिया का दूसरा सबसे खराब देश बताया, यूजर ने कहा कि महंगाई की वजह से जीवन मुश्किल हो जाता है। एक शहर से दूसरे शहर जाने में ही हफ्ते भर की कमाई का ज्यादातर हिस्सा खर्च हो जाता है। इसलिए लोग काम के बाद घर पर ही रहते हैं और कुछ नहीं करते। उसने बताय, “आप एक शहर से दूसरे शहर बस/टैक्सी लेते हैं और यह सप्ताह के लिए आपकी अधिकांश डिस्पोजेबल आय है। इसलिए लोग अंत में घर पर ही रहते हैं और काम के बाद कुछ नहीं करते हैं।”
डॉक्टर को दिखाने पर ही खर्च हो गए 1 लाख रुपये
हेल्थकेयर सर्विस के बारे में यूजर ने काफी शिकायतें कीं। उसने एक्सपर्ट डॉक्टरों के लिए लंबे इंतजार, डॉक्टर्स की महंगी फीस और अनुभवी डॉक्टरों की कमी की आलोचना की। भारतीय ने बताया कि उसके एक दोस्त को सीने में दर्द के लिए हृदय रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए लगभग 1 लाख रुपये खर्च करने पड़े। उसने बताया, “मेरे दोस्त को सीने में दर्द के लिए कार्डियोलॉजिस्ट को दिखाना पड़ा। सिर्फ शुरुआती परामर्श के लिए, उस पर लगभग 1 लाख रुपये खर्च हुए।” उसके पिता को किडनी स्टोन की सर्जरी के लिए न्यूजीलैंड में छह महीने इंतजार करना पड़ता, इसलिए उन्हें भारत आकर सर्जरी करानी पड़ी।
