9.1 C
London
Friday, March 6, 2026
HomeUncategorizedसरकार ने दरकिनार की मस्क की मांग, बस 5 साल के होगी...

सरकार ने दरकिनार की मस्क की मांग, बस 5 साल के होगी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम इजाजत

Published on

टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI ने एलन मस्क की मांग की दरकिनार कर दिया है। दरअसल रिपोर्ट में दावा किया जा रहा था कि एलन मस्क की तरफ से सैटेलाइट ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम आवंटन की ज्यादा समयसीमा की मांग की गई थी। लेकिन सरकार ने उस मांग की मानने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि सरकर ने कम समयसीमा रखने का सुझाव दिया है। यह लिमिट 5 साल हो सकती है। मतलब स्टारलिंक सर्विस को 5 साल बाद दोबारा सैटेलाइट स्पेक्ट्रम के लिए आवेदन करना होगा।

क्यों 5 साल की तय की गई समयसीमा
एक्सपर्ट की मानें, तो सरकार की 5 साल की लिमिट एलन मस्क की स्टारलिंक के लिए चुनौती बन सकता है, क्योंकि स्टारलिंक 20 साल के परमिट की वकालत कर रही है। दूरसंचार नियामक सरकार के लिए सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन की सिफारिश की तैयारी कर रहा है, जिसमें इसकी समयसीमा और कीमत को तय किया गया है। रिपोर्ट की मानें, तो TRAI कम समय के लिए लाइसेंस समयसीमा को अहमियत देने की योजना बना रहा है। यह करीब 5 साल हो सकती है। एलन मस्क का कहना है कि 5 साल में मार्केट में पोजिशन बनानी होगी। इसके बाद दोबारा से लाइसेंस प्रक्रिया के लिए आवेदन करना होगा।

मस्क ने 20 साल की रखी मांग
सरकार से संकेत दिया है कि TRAI को लाइसेंस समयसीमा पर अपनी सिफारिशों को अंजाम देने में करीब एक माह का समय लग सकता है, जहां स्टारलिंक ने सरकार से 20 साल के स्पेक्ट्रम आवंटन की मांग की है। मस्क का दावा है कि इससे अफोर्डेबल प्राइसिंग और लॉन्ग टर्म कॉमर्शियल योजनाओं को अंजाम देने में मदद मिलेगी। जियो ने तीन साल की कम समयसीमा की मांग की है। एयरटेल ने भी कम लाइसेंस समयसीमा का सपोर्ट किया है, जो 3-5 साल की समयसीमा की वकालत करता है।

5 साल समयसीमा को बताया अच्छा
लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि कम समयसीमा भारत को सैटेलाइट ब्रॉडबैंड बाजार के विकसित होने के साथ स्पेक्ट्रम की कीमतों में बदलाव को आसान बनाएंगी। मतलब यूजर के फायदे के लिए 5 साल की समयसीमा सही है।

विरोध के बाद स्टारलिंक से जियो एयरटेल की साझेदारी
एलन मस्क की स्टारलिंक ने एयरटेल, जियो के साथ सैटेलाइट कनेक्टिविटी के लिए साझेदारी की है। बता दें कि पहले तक जियो और एयरटेल दोनों ने पहले सैटेलाइट स्पेक्ट्रम के नीलामी की प्रक्रिया की मांग की थी। हालांकि सरकार ने सैटेलाइट स्पेक्ट्रम के प्रशासनिक आवंटन की बात कही थी। सरकार के मूड में बदलाव को न देखते हुए जियो और एयरटेल की तरफ से स्टारलिंक के साथ साझेदारी की गई है।

Latest articles

भजनलाल सरकार का महिला सशक्तिकरण पर फोकस: रूरल बीपीओ और राज सखी स्टोर्स से संवरेगी आधी आबादी की किस्मत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप...

राजा भोज हवाई अड्डे पर जल्द मिलेगा सस्ता खाना: 10 रुपए में चाय और 20 रुपए में नाश्ते का प्रस्ताव

भोपाल राजा भोज हवाई अड्डे पर सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही खान-पान की...

पटेल नगर अस्पताल में युवक की मौत के बाद हंगामा, पुलिस पर पथराव; आधा दर्जन हिरासत में

भोपाल राजधानी के पटेल नगर स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल में एक युवक की मौत के बाद...

निशातपुरा में सनसनी: युवक की चाकू मारकर हत्या, ऑटो से फेंका शव

भोपाल भोपाल। राजधानी के निशातपुरा थाना क्षेत्र में बुधवार रात अज्ञात बदमाशों ने एक 19...

More like this

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...

खेलो एमपी यूथ गेम्स आगाज, सीएम मोहन यादव ने बढ़ाया उत्साह

भोपाल ।राजधानी में खेलों का महाकुंभ सजीव हो उठा, जब तात्या टोपे स्टेडियम में...