11.3 C
London
Tuesday, May 19, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीय'हम एक झूठ में जी रहे हैं..', स्पेस से धरती को देखने...

‘हम एक झूठ में जी रहे हैं..’, स्पेस से धरती को देखने के बाद आखिर एस्ट्रोनॉट ने ऐसा क्यों कहा

Published on

नई दिल्ली,

स्पेसएक्स के अंतरिक्ष यान ड्रैगन से भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की पृथ्वी पर वापसी तय हो गई है. नासा और स्पेसएक्स के मिशन क्रू-10 ने उन्हें वापस लाने की पूरी तैयारी कर ली है.पूरी दुनिया की नजरें सुनीता विलियम्स और उनके साथी पर टिकी हैं.

साथ ही, लोगों में अंतरिक्ष से जुड़े रहस्यों को जानने की दिलचस्पी भी बढ़ गई है. खासकर, एक बड़ा सवाल यह है कि जब कोई इंसान अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखता है, तो उसकी सोच कितनी बदल जाती है? क्योंकि अंतरिक्ष से हमारी यह धरती, जहां जिंदगी है, बाकी सितारों और ग्रहों की तरह ही नजर आती है. कुछ ऐसा ही अनुभव एस्ट्रोनॉट रॉन गैरेन ने शेयर किया.

अब 62 साल की उम्र में रिटायरमेंट के बाद, उन्होंने अपने अनुभव शेयर करते हुए बताया कि जब उन्होंने अंतरिक्ष से धरती को देखा, तो एक झकझोर देने वाली सच्चाई का एहसास हुआ. हम सभी एक झूठ में जी रहे हैं.

मिरर न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, NASA के पूर्व एस्ट्रोनॉट रॉन गैरेन उन्हीं में से एक हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने 178 दिन अंतरिक्ष में बिताए, 71 मिलियन मील की यात्रा की और पृथ्वी के 2,842 चक्कर लगाए.

‘अंतरिक्ष से धरती देखने पर हुआ ये एहसास’
मिरर न्यूज के मुताबिक, Big Think के एक इवेंट में बातचीत के दौरान रॉन गैरेन ने बताया कि जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) से धरती को देखा, तो उन्हें कुछ ऐसा महसूस हुआ, जिससे उनकी सोच ही बदल गई.जब मैंने ISS की खिड़की से बाहर देखा, तो बिजली के तूफानों की चमक, रंग बदलती उत्तरी रोशनी (Aurora) और पृथ्वी के वातावरण की बेहद पतली परत देखी. तभी मुझे एहसास हुआ कि यही पतली परत हमारे ग्रह की हर जीवित चीज को बचाए रखती है.

‘हम एक झूठ में जी रहे हैं’
रॉन गैरेन का कहना है कि हम इंसानों ने अपनी प्राथमिकताएं गलत तय कर ली हैं. जिंदगी जीने के लिए क्या अहम होता है, हम अभी तक नहीं समझ पाए. उन्होंने कहा कि मैंने अंतरिक्ष से एक चमकती-दमकती धरती देखी, लेकिन वहां मुझे कहीं भी ‘इकोनॉमी’ नहीं दिखी, लेकिन धरती पर हमारी बनाई हुई व्यवस्थाएं हर चीज-यहां तक कि पर्यावरण और जीवन को भी इकोनॉमी का हिस्सा मानती हैं. यह साफ है कि हम एक झूठ में जी रहे हैं.

‘सोच बदलनी होगी, वरना आगे दिक्कतें बढ़ेंगी’
गैरेन ने कहा कि अगर हमें आगे बढ़ना है, तो हमें अपनी सोच को ऐसी दुनिया की ओर मोड़ना होगा जहां सभी इंसान बराबर हों और एक-दूसरे पर निर्भर हों. न कोई किसी से बेहतर है, न कोई कमतर, क्योंकि अंतरिक्ष से देखने पर सब समान नजर आते हैं. इस विशाल और खूबसूरत ब्रह्मांड के सामने हम इंसानों की अहंकार, श्रेष्ठता और अर्थव्यवस्था की कोई वजूद ही नहीं है.इस दुनिया में हमें ऐसी अर्थव्यवस्था विकसित करनी होगी जो सभी के हित में हो. यही वह बदलाव होगा जो हमारे विकास को सही दिशा में ले जाएगा.

‘हर कोई जुड़ा हुआ है, लेकिन हम समझ नहीं पा रहे’
उन्होंने आगे कहा कि जब लोग यह समझते हैं कि हम सब एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और हमारी जिंदगी एक-दूसरे पर निर्भर करती है, तब जाकर सही मायनों में हमारी सोच बदलती है.

Latest articles

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में किया ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने तथा अपराध अनुसंधान को...

धनगर-गड़रिया समाज के सर्वांगीण विकास को सरकार संकल्पित : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनसुनवाई में समस्याओं का त्वरित समाधान, आमजन ने जताया आभार

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में आमजन और शासन के बीच सीधे संवाद...

अमृतसर में रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल की बैठक में शामिल होंगे सीएम भगवंत मान, जल बंटवारे पर रखेंगे पंजाब का पक्ष

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने अमृतसर दौरे के दौरान आज एक बेहद...

More like this

नीदरलैंड ने लौटाई विरासत, PM मोदी को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी निशानियां, जानें क्या है इनकी खासियत?

एम्सटर्डम। पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और सभ्यता के लिए...

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज में बने जंग जैसे हालात-सैन्य गतिविधियां जारी

वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जहां ईरान...