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ट्रंप सुन लें… भारत पर टैरिफ का असर तो होगा लेकिन साउथ कोरिया से कम , अमेरिकी एजेंसी की बड़ी भविष्‍यवाणी

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नई दिल्‍ली:

अमेरिका में भारत का सीमित कारोबार होने से टैरिफ का खतरा कम है। लेकिन, कुछ अप्रत्यक्ष असर हो सकते हैं। जैसे व्यापार का रुख बदलना। इससे स्टील और केमिकल सेक्टर पर असर पड़ सकता है। S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने यह बात कही है। अमेरिकी रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि भारत का बढ़ता ट्रेड सरप्लस उसे टैरिफ के लिए संवेदनशील बना सकता है। कारण है कि अमेरिका का अपने ट्रेड पार्टनर्स पर जवाबी टैरिफ (रेसिप्रोकल टैरिफ) लगाने का टारगेट है। हालांकि, ग्‍लोबल ग्रोथ में मंदी जैसे टैरिफ के अप्रत्यक्ष प्रभाव का भारत पर कम असर होने की संभावना है। वजह है कि निर्यात क्षेत्र का जीडीपी में योगदान 10% से थोड़ा ही ज्यादा है। S&P ग्लोबल रेटिंग्स के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की आर्थिक विकास दर 6.7% रहने का अनुमान है। यह पिछले साल 6.8% थी। लेकिन, यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी रहेगी। ऐसे समय में जब अमेर‍िकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की टैर‍िफ नीत‍ियों से हड़कंप मचा है, S&P ग्लोबल रेटिंग्स की यह भव‍िष्‍यवाणी कई ल‍िहाज से बेहद महत्‍वपूर्ण है।

S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने कहा कि एल्यूमीनियम और स्टील पर अमेरिका के 25% टैरिफ से भारत का जोखिम 4.5% है। यह साउथ कोरिया के 4.7% से कम है। साउथ कोरिया का जोखिम एशिया-प्रशांत देशों में सबसे ज्यादा है। भारत का अमेरिका को निर्यात उसके जीडीपी का 2.3% है। ‘टैरिफ हिट अमंग एशिया-पैसिफिक फर्म्स’ नाम की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

भारतीय कंपन‍ियां बेहद मजबूत
रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि ज्यादातर भारतीय कंपनियां अस्थायी तौर पर कमाई में होने वाली कमी को झेल सकती हैं। देश की कंपनियों को मजबूत इन्‍फ्रास्ट्रक्चर और उपभोक्ता खर्च से भी फायदा होगा। S&P ग्लोबल रेटिंग्स के अनुसार, भारत की आर्थिक विकास दर वित्‍त वर्ष 2024-25 में 0.1 फीसदी घटकर 6.7 फीसदी रहने का अनुमान है। लेकिन, यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी रहेगी। वित्त वर्ष 2026-27 में ग्रोथ 7 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद है।

महंगाई में कमी आने की उम्‍मीद
भारत की औसत महंगाई दर भी वित्त वर्ष 2023-24 में 4.6 फीसदी से घटकर वित्त वर्ष 2024-25 में 4.4 फीसदी हो जाएगी। फिर वित्‍त वर्ष 2025-26 में इसके बढ़कर 4.6 फीसदी हो जाने का अनुमान है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि महंगाई कम होने से वर्तमान वित्‍त वर्ष की चौथी तिमाही में पॉलिसी रेट में 0.75 फीसदी की कटौती होकर 5.5% होने की संभावना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का जोखिम अमेरिका के टैरिफ से 4.5% है, जो साउथ कोरिया के 4.7% से कम है। इसका मतलब है कि भारत पर अमेरिका के टैरिफ का असर साउथ कोरिया से कम होगा। रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि ज्यादातर रेटेड भारतीय कंपनियां अस्थायी कमाई में कमी को झेल सकती हैं। इसका मतलब है कि भारतीय कंपनियां मजबूत हैं। वे मुश्किल समय का सामना कर सकती हैं।

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