पाकिस्तान ने एक बार फिर से अपना दोहरा रवैया देखने को मिला है। दरअसल पाकिस्तान में एक्स, जिसे पहले तक ट्विटर के नाम से जाना जाता था, उसे बैन किया है। बता दें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स प्लेटफॉर्म के ओनर एलन मस्क है। वही एलन मस्क का सैटेलाइट इंटरनेट स्पेसएक्स है, जिसे पाकिस्तान जल्द से जल्द लॉन्च करना चाहता है। मतलब एक तरह पाकिस्तान एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को बैन करता है, वही दूसरी तरफ उसी के सैटेलाइट इंटरनेट का इस्तेमाल करता है। हालांकि यह पहली बार नहीं है। ऐसे कई सारे नजारे आपको पाकिस्तान में देखने को मिल सकते हैं।
पाकिस्तान को मिला नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट
बिजनेस स्टैंडर्ड की मानें, तो एलन मस्क को पाकिस्तान में लॉन्च करने के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी (NOC) दे दी गई है। साथ ही दावा किया गया है कि सरकार ने पाकिस्तान टेलिकॉम्यूनिकेशन अथॉरिटी यानी PTA को क्लियरेंस मिल गया है कि स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट को अगले दो हफ्तों में लाइसेंस जारी किया जा सकता है। लोकल ब्रॉडकॉस्टर ARY न्यूज की मानें, तो स्टारलिंक की तरफ से पहले ही इस मामले में एप्लीकेशन पीटीए को जारी कर दिया गया है।
स्टारलिंक की जियो और एयरटेल के साझेदारी
रिपोर्ट की मानें, तो स्टारलिंक की तरफ से तीन माह का रजिस्ट्रेशन फेज पूरा कर लिया गया है। वही अब स्टारलिंक सर्विस का अप्रूवल फाइनल स्टेज में पहुंच गया है। अगर पाकिस्तान में जल्द ही स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट को मंजूरी मिल जाती है, तो वो एशिया में भारत से पहले सैटेलाइट सर्विस ऑफर करने वाला देश बन सकता है। भारत में स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को भारती एयरटेल और रिलायंस जियो के साथ साझेदारी में पेश किया गया है। हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस का अप्रूवल नहीं दिया गया है।
क्या है स्पेसएक्स प्लान?
ऐसा माना जा रहा है कि जियो और एयरटेल की साझेदारी देश में भरोसेमंद ब्रॉडबैंड सर्विस ऑफर करेगी। इससे देश के दूर-दराज इलाके तक इंटरनेट पहुंचाने में मदद मिलेगी। बता दें कि स्टारलिंग एक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस है, जिसे स्पेसएक्स की तरफ से विकसित किया गया है। यह एक प्राइवेट एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरर और स्पेस ट्रांसपोर्ट सर्विस कंपनी है। इस कंपनी के मालिक एलन मस्क हैं।
क्या है स्टारलिंक सर्विस
यह एक सैटेलाइट बेस्ड सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस है, जिसमें जमीन पर रिसीवर की मदद से नेटवर्क रिसीव किया जाता है और उसके बाद वाई-फाई की मदद से पूरे घर में नेटवर्क को बूस्ट किया जाता है।
