5.9 C
London
Wednesday, March 4, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयवेनेजुएला से क्‍या भारत भी खरीदता है तेल? ट्रंप के एक्‍शन ने...

वेनेजुएला से क्‍या भारत भी खरीदता है तेल? ट्रंप के एक्‍शन ने बढ़ाई खलबली, चीन की टेंशन समझ‍िए

Published on

नई दिल्‍ली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला से कच्चे तेल खरीदने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इस फैसले से भारत के ऊर्जा क्षेत्र पर असर पड़ सकता है। यह नियम 2 अप्रैल से लागू होगा। ट्रंप का मकसद टैरिफ को आर्थिक और राजनयिक दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करना है। इस फैसले से वेनेजुएला के साथ भारत, चीन, स्पेन और इटली जैसे देश भी प्रभावित होंगे।

ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर टैरिफ का ऐलान करते हुए वेनेजुएला पर ‘अमेरिका के प्रति बहुत शत्रुतापूर्ण’ होने और ‘जानबूझकर अपराधियों को देश में भेजने’ का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जो भी देश वेनेजुएला से तेल का आयात जारी रखेगा, उस पर 25% ड्यूटी लगाई जाएगी। यह मौजूदा टैरिफ के अलावा होगा। ट्रंप अपनी नीतियों को देश और विदेश में लागू करने के लिए आर्थिक हथकंडों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे वेनेजुएला के साथ रिश्ते और खराब हो सकते हैं, खासकर इमिग्रेशन और विदेश नीति को लेकर।

ट्रंप टैरिफ और सेकेंडरी सैंक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं। सेकेंडरी टैरिफ का असर कई देशों पर पड़ सकता है। कारण है कि वेनेजुएला का तेल अमेरिका, स्पेन, भारत और ब्लैक मार्केट में जाता है। शेवरॉन कॉर्प, रेपसोल SA और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को लाइसेंस के जरिए अमेरिका, स्पेन और भारत में वेनेजुएला का तेल आता है। वहीं, चीन ब्लैक मार्केट में सबसे बड़ा खरीदार है। रिलायंस लगातार छूट के तहत यह कच्चा तेल खरीद रही है। जबकि सरकारी रिफाइनर ने हाल के महीनों में इससे दूरी बना ली है।

वेनेजुएला के तेल का बड़ा खरीदार है भारत
भारत वेनेजुएला के तेल का एक बड़ा खरीदार है। उसने 2024 में 2.2 करोड़ बैरल तेल का आयात किया। जनवरी में यह खरीद 254,000 बैरल प्रति दिन (bpd) से ज्‍यादा हो गई, जो वेनेजुएला के कुल निर्यात 5,57,000 bpd का लगभग आधा है। दिसंबर 2023 में आयात लगभग 1,91,600 bpd था। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने 1,27,000 bpd हासिल किया था। नए टैरिफ से भारतीय रिफाइनर के लिए खरीद की लागत बढ़ सकती है। साथ ही सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका है। आदेश में कहा गया है कि टैरिफ तब तक लागू रहेगा जब तक कोई देश कम से कम एक साल तक वेनेजुएला से तेल का आयात बंद नहीं कर देता। हालांकि, अमेरिका के पास इसे पहले रद्द करने का अधिकार है।

चीन वेनेजुएला के कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है। उसने फरवरी में लगभग 5,03,000 bpd तेल खरीदा, जो वेनेजुएला के कुल निर्यात का 55% है। स्पेन, इटली और क्यूबा भी इसके प्रमुख आयातक हैं। अमेरिका भी वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीद रहा है, लेकिन अप्रैल की शुरुआत में यह आयात बंद हो जाएगा। जब तक कि वाशिंगटन इस अवधि को आगे न बढ़ाए। भारतीय रिफाइनर को अब अपनी खरीद रणनीतियों पर फिर से विचार करना होगा।

रूसी तेल का आयात बढ़ने की संभावना
न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉर्प और भारत पेट्रोलियम कॉर्प जैसी कंपनियां कच्चे तेल की खरीद के लिए कम स्पॉट टेंडर जारी कर रही हैं। कारण है कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद रूसी सप्लाई स्थिर हो गई है। बिना प्रतिबंध वाले टैंकरों के जरिए रूसी तेल की सप्लाई फिर से शुरू होने के साथ भारतीय रिफाइनर वेनेजुएला के तेल पर अमेरिकी टैरिफ के कारण होने वाली लागत वृद्धि को कम करने के लिए रूसी कच्चे तेल का आयात बढ़ा सकते हैं।

वेनेजुएला के तेल पर टैरिफ ट्रंप की व्यापक व्यापार नीति का सिर्फ एक हिस्सा है। अमेरिकी प्रशासन 2 अप्रैल को ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल्स और सेमीकंडक्टर के आयात पर नए टैरिफ की घोषणा करने वाला है। ट्रंप लंबे समय से टैरिफ का इस्तेमाल सहयोगियों और विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए कर रहे हैं। व्हाइट हाउस में उनकी वापसी के बाद से संरक्षणवादी उपायों में तेजी आई है।

अमेरिकी वित्‍त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है कि वाशिंगटन कई व्यापारिक भागीदारों के साथ व्यापार असंतुलन को ठीक करने के बारे में बात कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले टैरिफ उपायों में लगभग 15 देशों को टारगेट किया जाएगा, जिन्हें उन्होंने ‘डर्टी 15’ कहा है।

ट्रंप वेनेजुएला के तेल आयात को क्यों रोकना चाहते हैं?
ट्रंप का यह ऐलान अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव के बाद आया है। ताजा व्यापार प्रतिबंध अमेरिका की ओर से वेनेजुएला के लिए डिपोर्टेशन फ्लाइट्स को निलंबित करने के बाद आया है। वाशिंगटन ने वेनेजुएला पर प्रवासियों को वापस लेने के समझौते का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया है। वेनेजुएला ने डिपोर्ट किए गए लोगों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, हाल ही में इन फ्लाइट्स को फिर से शुरू करने के लिए एक नया समझौता हुआ है। नए समझौते के तहत लगभग 200 वेनेजुएला के नागरिकों को होंडुरास के जरिए अमेरिका से डिपोर्ट किया गया था।

इस बीच, अमेरिका ने वेनेजुएला में शेवरॉन के लिए ऑपरेशनल वेवर को 27 मई तक बढ़ा दिया है। अमेरिकी तेल कंपनी प्रतिबंधों में छूट के तहत काम कर रही है। इससे उसे देश में सीमित गतिविधियों को जारी रखने की अनुमति मिली है। वेवर का विस्तार बताता है कि वाशिंगटन अपनी प्रतिबंध नीति के लिए एक चयनात्मक नजरिया अपना रहा है ताकि वेनेजुएला पर आर्थिक दबाव बना रहे। साथ ही वहां काम कर रही अमेरिकी कंपनियों के लिए कुछ लचीलापन बनाए रखा जा सके।

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निवास पर धूमधाम से मनाया गया होलिका दहन; सीएम ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार मध्यरात्रि के पश्चात सिविल लाइन्स स्थित मुख्यमंत्री निवास पर...

कैमरे किराए पर लेकर युवक फरार, तीन लाख का सामान नहीं लौटाया

भोपाल राजधानी के कमला नगर इलाके में कैमरे किराए पर देने वाले युवक के साथ...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

होली से पहले भोपाल में प्रशासन सख्त: पुराने शहर के मावा भंडारों और डेयरियों पर ताबड़ तोड़ छापे

भोपाल होली के त्योहार से पहले राजधानी में खाद्य विभाग ने मिलावट के खिलाफ बड़ा...

More like this

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का दावा, ईरानी मीडिया ने दी जानकारी

ईरानी मीडिया तस्नीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने दावा किया है कि ईरान के...

वेनेजुएला के राष्ट्रपति को न्यूयॉर्क कोर्ट में पेश किया

न्यूयॉर्क।वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क की एक अदालत में पेश किया गया।...

राष्ट्रपति भवन में पुतिन का भव्य स्वागत

नई दिल्ली।पुतिन का भारत दौरा आज दूसरे दिन भी जारी है। राष्ट्रपति भवन में...