8.3 C
London
Friday, March 27, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीय'बंगाल की खाड़ी में सबसे लंबी कोस्टल लाइन हमारी...', जयशंकर ने मोहम्मद...

‘बंगाल की खाड़ी में सबसे लंबी कोस्टल लाइन हमारी…’, जयशंकर ने मोहम्मद यूनुस को दिखाया आईना

Published on

नई दिल्ली,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर इस समय BIMSTEC में हिस्सा लेने के लिए थाईलैंड में हैं. इस दौरान जयशंकर ने राजधानी बैंकॉक में बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के पूर्वोत्तर को भारत से जोड़ने वाले ‘चिकन नेक’ वाले बयान और खुद को इस क्षेत्र के समंदर का एकमात्र गार्जियन बताने पर मुंहतोड़ जवाब दिया है.

जयशंकर ने बांग्लादेश के मोहम्मद यूनुस को आईना दिखाते हुए कहा कि भारत बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए BIMSTEC के संबंध में अपनी जिम्मेदारी से अवगत है. बंगाल की खाड़ी में भारत की सबसे लंबी तटरेखा भी है, जो लगभग 6,500 किलोमीटर है.

उन्होंने कहा कि हमारे पास बंगाल की खाड़ी में लगभग 6500 किलोमीटर की सबसे लंबी तटरेखा है. हमारा पूर्वोत्तर क्षेत्र सड़कों, रेलवे, जलमार्ग, ग्रिड और पाइपलाइनों के नेटवर्क के साथ बिम्सटेक के लिए कनेक्टिविटी केंद्र के रूप में उभर रहा है. इसके अलावा त्रिपक्षीय राजमार्ग का पूरा होना भारत के उत्तर पूर्व को प्रशांत महासागर तक जोड़ देगा, जो एक वास्तविक गेम-चेंजर है. हम इस बात के प्रति सचेत हैं कि इस बड़े भूगोल में वस्तुओं, सेवाओं और लोगों के सुचारू प्रवाह के लिए हमारा सहयोग और सुविधा एक आवश्यक शर्त है. इस भूरणनीतिक कारक को ध्यान में रखते हुए हमने पिछले दशक में BIMSTEC को मजबूत करने के लिए बढ़ती ऊर्जा और ध्यान समर्पित किया है.

मोहम्मद यूनुस ने आखिर क्या कहा था?
चीन दौरे पर गए बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने चीन की धरती पर कहा था कि इस क्षेत्र के समंदर का एक मात्र गार्जियन ढाका है. चीन को अपने देश में निवेश करने का न्योता देते हुए यूनुस ने कथित तौर पर भारत की मजबूरियां गिनाई थी और चीन को लुभाते हुए कहा था कि उसके पास बांग्लादेश में बिजनेस का बड़ा मौका है.

मोहम्मद यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का जिक्र करते हुए कहा था कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों, जिन्हें सेवन सिस्टर्स कहा जाता है. वे चारों ओर से भूमि से घिरे हुए देश हैं, भारत का लैंड लॉक्ड क्षेत्र हैं. उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है. इस पूरे क्षेत्र में जो समंदर है उसका एक मात्र गार्जियन बांग्लादेश है.

क्या है चिकन नेक?
चिकन नेक, जिसे सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नाम से भी जाना जाता है. यह लगभग 20-22 किलोमीटर चौड़ा और 60 किलोमीटर लंबा क्षेत्र है. ये वही रास्ता है जो भारत की मुख्य भूमि को इसके पूर्वोत्तर राज्यों (जिन्हें “सेवन सिस्टर्स” भी कहा जाता है) से जोड़ता है.

सवाल उठता है कि इसे चिकेन नेक क्यों कहते हैं? दरअसल इसका नाम “चिकन नेक” इसलिए पड़ा क्योंकि यह मुर्गी की गर्दन की तरह पतला है. 22 KM चौड़ा ये रास्ता मेनलैंड इंडिया को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ता है. इसकी वजह से यह भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील है. यह कॉरिडोर नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और चीन जैसे पड़ोसी देशों से घिरा हुआ है, जिसके कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है.

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जोधपुर में रामनवमी शोभायात्रा में हुए शामिल — श्रीराम दरबार की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को जोधपुर के घंटाघर क्षेत्र में आयोजित भव्य रामनवमी शोभायात्रा...

दादाजी धाम मंदिर में अष्टमी पर माँ महागौरी की भव्य महाआरती

भोपाल रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के प्रसिद्ध दादाजी धाम मंदिर में चैत्र नवरात्रि के...

भोपाल: निगम मुख्यालय पर मटका फोड़ प्रदर्शन; पानी के लिए तड़पे हिनोतिया आलम के रहवासी, एक महिला बेहोश

भोपाल राजधानी में गर्मी की दस्तक के साथ ही जल संकट गहराने लगा है। गुरुवार...

विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला उपकरणों की कार्यप्रणाली का किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

सांची कॉलेज ऑफ नर्सिंग साइंस में बी.एससी. नर्सिंग प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा प्रयोगशाला...

More like this

इराक से अमेरिकी और नाटो (NATO) सेना की ‘घर वापसी’! क्या ईरान के डर से खाली किए गए सैन्य ठिकाने?

मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के...

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...