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MBA से लेकर PhD वाले लगे हैं चपरासी बनने के लाइन में, 53 हजार पदों के लिए आए 24 लाख आवेदन, बेरोजगारी का ये कैसा आलम

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जयपुर:

वर्तमान में बेरोजगारी के हालात क्या है, यह समझने के लिए आपको सरकारी नौकरी के सबसे छोट पद के लिए आवेदन करने वाले युवाओं की डिग्रियों की ओर देखना चाहिए। सोचिए कोई युवा स्कूल में शिक्षक या कॉलेज में व्याख्याता बनने के लिए बीएड और एमएड की डिग्री करता है। सरकारी वकील या जज बनने के लिए एलएलबी और एलएलएम करता है। प्राइवेट सेक्टर में अच्छी जॉब के लिए लाखों रुपए खर्च करके एमबीए जैसी डिग्री हासिल करते हैं। बड़ी बड़ी डिग्रियों के बावजूद भी युवाओं को रोजगार की कोई गारंटी नहीं है। ऐसे में चपरासी की सरकारी नौकरी के लिए भी उच्च डिग्री होल्डर युवा आवेदन कर रहे हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि कुछ वर्षों पहले एक विधायक का बेटा राजस्थान विधानसभा में चपरासी पद पर भर्ती हुआ था।

चतुर्थ श्रेणी भर्ती में आए हजारों उच्च डिग्रीधारी आवेदन
राजस्थान में इन दिनों चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। 53,749 पदों के लिए निकली भर्ती के लिए 19 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन भरे गए थे। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बनने के लिए कुल 24 लाख 76 हजार 383 युवाओं ने फार्म भरे हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें हजारों आवेदक ऐसे भी हैं जो बीए, बीएड, एमए, एमएड, एलएलबी, एमफिल, पीएचडी के साथ बीटेक और एमबीए किए हुए भी हैं। सोचिए एक बड़ा अधिकारी बनने के लिए बड़ी डिग्रियां प्राप्त करने वाले युवाओं को चतुर्थ श्रेणी की नौकरी के लिए आवेदन करना पड़ा है। वजह रोजगार के अवसरों की काफी कमी है और सरकारी नौकरी सुरक्षित मानी जाती है। प्राइवेट नौकरी चाहे कितने ही बड़े पैकेज की हो, वह सुरक्षित नहीं होती। प्राइवेट नौकरी आज है और कल नहीं भी हो सकती है।

विधानसभा में चपरासी बना था पूर्व विधायक का बेटा
वर्ष 2017 में राजस्थान विधानसभा में चपरासियों की भर्ती निकली थी। कुल 18 पदों के लिए निकली इस भर्ती के लिए हजारों आवेदन आए। आवेदकों में कई युवा ऐसे थे जिनके पास बीए, बीएड के साथ इंजीनियरिंग और एलएलबी की डिग्रियां थी। 129 इंजीनियर, 23 वकील और 393 स्नातकोत्तर युवाओं ने इंटरव्यू दिया था। अंतिम रूप से जिन 18 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। उनमें 12 स्थान पर रामकृष्ण मीणा का नाम है। इस चयनित अभ्यर्थी के पिता भाजपा के पूर्व विधायक है। उन दिनों भर्ती में गड़बड़ियों के आरोप भी लगे थे। तब तत्कालीन विधायक ने कहा था कि अगर सिफारिश करके बेटे के नौकरी लगानी होती तो चपरासी क्यों लगाता। बेटे की इच्छा थी तो उसने आवेदन कर दिया और उसका चयन हो गया।

शैक्षणिक योग्यता केवल 10वीं पास
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के लिए आवेदकों की शैक्षणिक योग्यता केवल 10 वीं पास मांगी गई थी। इसके बावजूद स्नातकोत्तर और मैनेजमेंट की डिग्री करने वाले युवाओं ने भी आवेदन किए हैं। पीएचडी डिग्री होल्डर ने भी बड़ी संख्या में आवेदन किए हैं। हजारों युवा ऐसे हैं जो जयपुर में रहकर पिछले कई वर्षों के कोचिंग कर रहे हैं ताकि वे शिक्षक, पटवारी या आरएएस अफसर बन जाए। इसी तैयारी के बीच चतुर्थ श्रेणी की भर्ती आई तो इसके लिए भी आवेदन भर दिया।

सितंबर में होगी लिखित परीक्षा
चतुर्थ श्रेणी भर्ती की प्रक्रिया पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में भी शुरू हुई थी लेकिन बार बार भर्ती नियम बदलने से यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। अब इस भर्ती का आयोजन हो रहा है और 18 से 21 सितंबर तक लिखित परीक्षा ली जाएगी। यह परीक्षा टैबलेट या कंप्यूटर आधारित होगी। परीक्षा में हिंदी, अंग्रेजी, गणित और सामान्य ज्ञान के सवाल पूछे जाएंगे। कुल 200 अंकों का पेपर होगा। लिखित परीक्षा में कुल पदों के दो गुना अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद चयन की अंतिम सूची जारी की जाएगी।

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