तेहरान
कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में युद्ध जैसे हालात बनते जा रहे हैं। दोनों ओर से हो रही आक्रामक बयानबाजी से उपजे तनाव और जंग की आशंका को देखते हुए दुनिया के दो अहम देश चीजों को ठीक करने के लिए आगे आए हैं। ये देश मुस्लिम वर्ल्ड की दो बड़ी ताकतें- ईरान और सऊदी अरब हैं। ईरान ने कहा है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने के लिए तैयार है। वहीं सऊदी सरकार की भी पाकिस्तान सरकार से बात हुई है।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शुक्रवार शाम एक ट्वीट किया है। इस ट्वीट में ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान दोनों ईरान के पड़ोसी हैं। दोनों ही देशों के साथ ईरान के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंध हैं। ईरान पड़ोसी होने के नाते दोनों देशों को अपनी प्राथमिकता मानता है। भारत और पाकिस्तान इस वक्त एक मुश्किल वक्त में है। ईरान इस मुश्किल समय में दोनों देशों के बीच समझ बढ़ाने के लिए तैयार है।
सऊदी की पाक सरकार से बातचीत
सैयद अब्बास अराघची ने फारसी कवि सादी की कविता अपने ट्वीट के साथ शेयर की है। इस कविता का भाव कुछ इस तरह से है कि दुनिया के सभी इंसान एक ही तरह के हैं। अगर कहीं एक इंसान को दर्द होता है, तो बाकी इंसान भी बेचैन रहेंगे। इस कविता का मतलब यही है कि दुनिया में हर जगह शांति रहे और सभी इंसान एक दूसरे से प्यार करते हुए अमन से रहें।
पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को संसद में कहा है कि पहलगाम के बाद भारत ने बेबुनियाद तरीके से पाकिस्तान की तरफ उंगली उठाई है। उन्होंने खुलासा किया कि इस संबंध में 26 देशों को जानकारी दी जा चुकी है और बाकी कई दूसरे देशों को जानकारी दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सऊदी अरब के विदेश मंत्री से शुक्रवार शाम को उनकी सरकार की बातचीत होनी है। उनको भी हालात की जानकारी दी जाएगी।
पाकिस्तान और भारत में तनातनी के बीच सऊदी अरब और ईरान अगर दखल देते हैं तो इससे तनाव कम होने की उम्मीद है। सऊदी अरब और ईरान को मुस्लिम वर्ल्ड के सबसे मजबूत देशों की तरह देखा जाता है। सऊदी को सुन्नी दुनिया का लीडर माना जाता है। वहीं ईरान को दुनिया के सबसे शक्तिशाली शिया देश के तौर पर जाना जाता है।
