इस्लामाबाद
पाकिस्तान ने एक बार फिर बांग्लादेश के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने पर जोर दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा कि दोनों देशों को आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने पर काम करना चाहिए। आसिफ ने शनिवार को बांग्लादेश के 54वें स्वतंत्रता दिवस पर एक कार्यक्रम में कहा कि दोनों देश अपने साझा इतिहास को देखते हुए आपसी साझेदारी को बढ़ाएं। ख्वाजा का ये बयान ऐसे समय आया है, जब भारत और पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण हैं।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान की ओर से आक्रामक बयानबाजी हो रही है। ख्वाजा आसिफ की ओर से भी भारत को परमाणु युद्ध की धमकी दी जा चुकी है। ऐसे में पाकिस्तान की कोशिश बांग्लादेश को अपने पाले में करने की है। बांग्लादेश का रुख अभी तक भारत की तरफ रहता था लेकिन बीते साल मोहम्मद यूनुस की सरकार बनने के बाद ढाका ने पाकिस्तान के लिए दरवाजे खोल दिए हैं।
हमारे लिए बांग्लादेश की अहमियत: आसिफ
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है और विभिन्न क्षेत्रों में अपने जुड़ाव को गहरा करना चाहता है। उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच विकास सहयोग को बढ़ाने के लिए संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इससे पहले बांग्लादेश के उच्चायुक्त हुसैन खान ने कहा था कि उनका देश पाकिस्तान के साथ मजबूत और दोस्ताना रिश्ते चाहता है।
पाकिस्तान की विदेश सचिव आमना बलोच ने हाल ही में बांग्लादेश का दौरा भी किया है। इस दौरान कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। हालांकि इस दौरान बांग्लादेश ने पाकिस्तान को झटका देते हुए 1971 के अत्याचारों के लिए माफी की मांग भी की है। बांग्लादेश ने पाकिस्तान से 4.3 अरब डॉलर भी मांगे है, यह रकम 1971 में पूर्वी पाकिस्तान के अलग होकर बांग्लादेश बनने के समय से पाकिस्तान पर है।
भारत-पाक तनाव पर ध्यान दे दुनिया: आसिफ
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इससे पहले शुक्रवार को कहा कि पहलगाम के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर चीजें ऐसे ही तनाव की तरफ बढ़ती रहीं तो इसके भीषण युद्ध का रूप लेने से इनकार नहीं किया जा सकता है। आसिफ ने संघर्ष बढ़ने पर भार-पाक में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल होने का अंदेशा भी जताया है। उन्होंने कहा कि दुनिया को तुरंत इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
