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‘मुझे न्याय मिलना चाहिए’… पाकिस्तानी से वीडियो कॉल पर शादी, CRPF ने किया बर्खास्त तो जवान ने की पीएम मोदी से गुहार

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जम्मू:

पाकिस्तानी महिला से शादी की बात छिपाने के आरोप में केंद्रीय पुलिस रिजर्व बल (CRPF) के जवान मुनीर अहमद को बर्खास्त कर दिया गया है। अपनी बर्खास्तगी के एक दिन बाद मुनीर अहमद ने दावा किया कि पिछले साल सीआरपीएफ मुख्यालय से अनुमति मिलने के करीब एक महीने बाद ही उन्होंने पाकिस्तान की मीनल खान से निकाह किया। मुनीर ने जोर देकर कहा कि उनके साथ गलत हुआ है और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से अपील करना चाहता हूं, मुझे न्याय चाहिए, मैं एक जवान हूं…ऐसा क्यों हुआ? मैं अपने विभाग को सारी जानकारी दे रहा हूं।

वीडियो कॉल पर पाकिस्तानी मीनल से किया था निकाह
जम्मू के घरोटा इलाके का रहने वाले मुनीर अप्रैल 2017 में सीआरपीएफ में शामिल हुए थे। उन्होंने पिछले साल 24 मई को वीडियो कॉल पर पाकिस्तान की मीनल खान से निकाह किया था। सीआरपीएफ ने पाकिस्तानी महिला से निकाह की बात छिपाने और उसकी वीजा अ‍वधि समाप्त होने के बाद उसे जानबूझकर शरण देने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया है। सीआरपीएफ ने कहा है कि मुनीर का कृत्य गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक है।

बर्खास्तगी को अदालत में देंगे चुनौती
मुनीर ने कहा कि वह सीआरपीएफ से अपनी बर्खास्तगी को अदालत में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि मुझे अदालत से इंसाफ मिलने का पूरा भरोसा है। मुनीर ने फोन पर हुई बातचीत में कहा कि मुझे शुरुआत में मीडिया में आई खबरों के जरिये अपनी बर्खास्तगी के बारे में पता चला। कुछ ही देर बाद मुझे सीआरपीएफ से एक पत्र मिला। इसमें मुझे बर्खास्तगी के बारे में बताया गया। यह मेरे और मेरे परिवार के लिए एक झटका था। क्योंकि मैंने मुख्यालय से एक पाकिस्तानी महिला से शादी करने की अनुमति मांगी थी और मुझे अनुमति मिल गई थी।

कब सामने आया मामला?
दरअसल मुनीर और मीनल की शादी की बात तब सामने आई, जब भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद उठाए गए कूटनीतिक कदमों के तहत पाकिस्तानी नागरिकों से देश छोड़ने के लिए कहा। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। मीनल इस साल 28 फरवरी को वाघा-अटारी सीमा के जरिये भारत में दाखिल हुई थी और उसका अल्पकालिक वीजा 22 मार्च को समाप्त हो गया था। उस समय तक वह जम्मू में अहमद के घर पर ही रही थी। हालांकि हाईकोर्ट ने उसे पाकिस्तान भेजने पर रोक लगा दी है और वह फिलहाल मुनीर के जम्मू स्थित घर में रह रही है।

30 अप्रैल 2024 को मुख्यालय से मिली थी शादी की मंजूरी-मुनीर
मुनीर ने बताया कि मैंने 31 दिसंबर 2022 को पहला पत्र लिखा। इसमें मैंने एक पाकिस्तानी नागरिक से शादी करने की अपनी इच्छा बताई। मुझसे पासपोर्ट, विवाह कार्ड और हलफनामे की प्रतियां संलग्न करने जैसी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कहा गया। उसने कहा कि मैंने अपना हलफनामा और साथ ही अपने माता-पिता, सरपंच और जिला विकास परिषद के सदस्य के हलफनामे उचित माध्यम से पेश किए और अंततः 30 अप्रैल 2024 को मुख्यालय से (शादी की) मंजूरी मिल गई।

शादी की तस्वीरें, निकाह के कागजात बटालियन में किया था जमा
मुनीर के मुताबिक, उसने अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे बताया गया कि ऐसा कोई प्रावधान उपलब्ध नहीं है और उसने नियमों के अनुसार विदेशी नागरिक से अपनी शादी के बारे में सरकार को सूचित करके औपचारिकताएं पहले ही पूरी कर ली हैं। मुनीर ने कहा कि हमने पिछले साल 24 मई को वीडियो कॉल पर निकाह कर लिया। इसके बाद मैंने अपनी शादी की तस्वीरें, निकाह के कागजात और विवाह प्रमाणपत्र 72वीं बटालियन में जमा करा दिए, जहां मैं तैनात था।

कब भारत आई मीनल?
उसने कहा कि जब वह (मीनल) पहली बार 28 फरवरी को 15 दिन के वीजा पर आई थी, तब ही हमने मार्च में दीर्घकालिक वीजा के लिए आवेदन कर दिया था और साक्षात्कार सहित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। मुनीर ने कहा कि इससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट की ओर से बुधवार को अंतिम समय में उसकी पत्नी को पाकिस्तान भेजने पर रोक लगाने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

27 मार्च को मुझे ट्रांसफर आदेश थमा दिया
मुनीर के अनुसार, वह अपनी छुट्टी की अवधि समाप्त होने पर ड्यूटी पर लौटा और उसे 25 मार्च को सुंदरबनी स्थित बटालियन मुख्यालय में रिपोर्ट करने को कहा गया था। उसने बताया कि हालांकि, 27 मार्च को मुझे ट्रांसफर आदेश थमा दिया गया और 15 दिन की अनिवार्य कार्यभार ग्रहण अवधि दिए बिना ही भोपाल (मध्यप्रदेश) में 41वीं बटालियन में तैनात कर दिया गया।

आगे क्या करेंगे मुनीर?
मुनीर ने कहा कि मुझे आदेश की प्रति दी गई और तुरंत कार्यमुक्त कर दिया गया। इससे मेरे पास भोपाल जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। जहां मैंने 29 मार्च को कार्यभार संभाला। वहां पहुंचने पर कमांडिंग ऑफिसर और उनके डिप्टी ने मेरा साक्षात्कार लिया और दस्तावेजीकरण प्रक्रिया भी पूरी की। मुनीर ने कहा कि वह अपनी बर्खास्तगी के फैसले को अदालत में चुनौती देगा। (इनपुट एजेंसी)

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