मुंबई
पहलगाम आतंकी हमले औ फिर भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में नारियल, माला और प्रसाद पर रोक लगा दी गई है। भगवान गणेश को समर्पित मंदिर के प्रबंधन ने कहा है कि सुरक्षा कारणों से 11 मई से मंदिर में नारियल, माला और प्रसाद चढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दक्षिण मुंबई के प्रभादेवी क्षेत्र में स्थित यह मंदिर एक लोकप्रिय धार्मिक स्थल है जो बड़ी संख्या में भक्तों को आकर्षित करता है। श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर ने कहा कि मंदिर में हर रोज़ हज़ारों लोग आते हैं। यह आतंकवादियों की ‘हिट लिस्ट’ में है। हाल में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ट्रस्ट के साथ बैठक की।
11 मई से लग जाएगी रोक
सरवणकर ने कहा कि हमें सरकार और पुलिस ने कई सलाह दी हैं। सुरक्षा उपायों के बारे में उन्होंने कहा कि भगवान गणेश को चढ़ाए जाने वाले नारियल सुरक्षा जांच के दौरान पहचान में नहीं आते और इससे खतरा हो सकता है। प्रसाद में जहर हो सकता है। इससे बचने के लिए हम कुछ वक्त तक भगवान को माला और नारियल चढ़ाने की अनुमति नहीं देंगे। सदा सरवणकर ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता को देखते हुए यह उपाय अस्थायी है। सरवणकर ने कहा कि ट्रस्ट ने मंदिर के बाहर फूल विक्रेताओं से बात की। जिन्होंने 11 मई से यह पहल शुरू करने का अनुरोध किया ताकि वे अपना मौजूदा स्टॉक खत्म कर सकें।
सुरक्षा को 20 जवानों की तैनाती
शिवसेना के पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि मंदिर ट्रस्ट यह भी देखने का प्रयास कर रहा है कि क्या वह भक्तों के लिए फूल और दूर्वा घास उपलब्ध करा सकता है ताकि वे इसे भगवान को अर्पित कर सकें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बढ़ाने के लिए ट्रस्ट सशस्त्र बलों से सेवानिवृत्त 20 जवानों की भी भर्ती करेगा और वे हथियारबंद होंगे। सर्वणकर ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस और मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी है।
