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Wednesday, March 4, 2026
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जैसे को तैसा… अमेरिका ने सुरक्षा के नाम पर लगाया टैक्स तो भारत ने भी दिखा दिए तेवर, जवाबी टैरिफ से मिलेगा जवाब

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नई दिल्ली

भारत ने अमेरिका के कुछ उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव विश्व व्यापार संगठन (WTO) के तहत रखा गया है। अमेरिका ने स्टील और एल्यूमीनियम पर जो शुल्क लगाए हैं, भारत उसका जवाब देना चाहता है। भारत का कहना है कि अमेरिका ने सुरक्षा के नाम पर यह शुल्क लगाया है।

भारत ने WTO को बताया कि अमेरिका के इस कदम से भारत से होने वाले 7.6 अरब डॉलर के निर्यात पर असर पड़ेगा। भारत ने कहा कि इससे अमेरिका में आने वाले सामान पर 1.91 अरब डॉलर का शुल्क लगेगा। प्रस्ताव के अनुसार, भारत अमेरिका से आने वाले कुछ खास उत्पादों पर शुल्क बढ़ाएगा। इसका मतलब है कि उन उत्पादों पर अब ज्यादा टैक्स लगेगा। भारत ने कहा कि वह अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए शुल्क लगाने का अधिकार रखता है। भारत ने यह भी कहा कि वह इस बारे में 30 दिनों के बाद फैसला लेगा।

कितना लगाया अमेरिका ने टैक्स?
8 मार्च 2018 को अमेरिका ने कुछ स्टील और एल्यूमीनियम उत्पादों पर सुरक्षा शुल्क लगाया था। उन्होंने स्टील पर 25% और एल्यूमीनियम पर 10% का शुल्क लगाया। यह नियम 23 मार्च 2018 से लागू हुआ था। फिर 10 फरवरी 2025 को अमेरिका ने स्टील और एल्यूमीनियम के आयात पर लगे सुरक्षा उपायों को संशोधित किया जो 12 मार्च से प्रभावी हो गया।

भारत का कहना है कि अमेरिका ने WTO की समिति को इस बारे में जानकारी नहीं दी। अमेरिका ने सुरक्षा उपायों को लागू करने का फैसला लिया, लेकिन WTO को नहीं बताया। भारत का कहना है कि वह इससे प्रभावित हुआ है। इसलिए उसने अमेरिका से इस बारे में बात करने का अनुरोध किया है।

क्यों लगाया यह शुल्क
अमेरिका ने जवाब में कहा कि यह शुल्क अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले स्टील और एल्यूमीनियम के आयात को समायोजित करने के लिए जरूरी है। यानी अमेरिका का कहना है कि यह शुल्क इसलिए जरूरी है ताकि देश की सुरक्षा बनी रहे। अमेरिका ने यूरोपीय संघ (EU) को भी यही जवाब दिया था, जब उन्होंने इस बारे में बात करने का अनुरोध किया था।

भारत को क्या अधिकार?
एक अधिकारी ने कहा कि यह अमेरिका की ओर से लगाए गए सुरक्षा उपाय के कारण हुए नुकसान की भरपाई है। भारत को सुरक्षा समझौते (AoS) के तहत यह कदम उठाने का अधिकार है। यानी भारत को यह अधिकार है कि वह अमेरिका के शुल्क के जवाब में शुल्क लगाए।

भारत का कहना है कि अमेरिका ने जो कदम उठाए हैं, वे GATT (जनरल एग्रीमेंट ऑन टैरिफ एंड ट्रेड) 1994 और AoS के नियमों के अनुसार नहीं हैं। भारत ने कहा कि AoS के तहत बातचीत नहीं हुई है। इसलिए भारत को यह अधिकार है कि वह अमेरिका के व्यापार पर पड़ने वाले बुरे असर के बराबर शुल्क लगाए।

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