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Thursday, March 12, 2026
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शादी में आए माता-पिता ने नहीं दिया ध्यान, खेलते समय कार में हुए लॉक हुए 4 बच्चों की मौत, 6 घंटे बाद मिली लाश

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विजयवाड़ा :

आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के द्वारपुडी गांव में एक दुखद हादसा हुआ। यहां एक बंद कार में फंसने से चार बच्चों की मौत हो गई। बच्चे खेलते समय एक खड़ी कार में बैठ गए। इस दौरान कार का दरवाजा ऑटोमैटिक लॉक हो गया और उनका दम कार के अंदर ही घुट गया। बच्चे एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। घटना के बाद खुशी का माहौल मातम में बदल गया।एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार के दरवाजे पहले खुले थे। बच्चे खेलते-खेलते कार के अंदर चले गए लेकिन, बच्चों के अंदर जाने के बाद कार के दरवाजे अपने आप लॉक हो गए।

ऑटो लॉक सिस्टम से बंद हुई कार
पुलिस ने कहा कि हमारा मानना है कि बच्चों के अंदर जाने के बाद कार का ऑटो-लॉक सिस्टम चालू हो गया, जिससे वे फंस गए। बच्चे अंदर से चीखते रहे लेकिन कार के शीशे बंद होने से उनकी आवाज बाहर नहीं गई।

शाम तक किसी ने नहीं दिया ध्यान
शाम तक किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। जब काफी देर बाद बच्चों के माता-पिता ने उन्हें ढूंढना शुरू किया तो बच्चे नहीं मिले। इलाके में हड़कंप मच गया। यह कार शादी में आए एक रिश्तेदार की थी। जब बच्चों का कुछ पता नहीं चला तो वे थाने जाने के लिए उसी कार का लॉक खोलकर अंदर जाने लगे। तभी उनकी नजर बेहोश बच्चों पर पड़ी।

मिलने के 6 घंटे पहले हो चुकी थी मौत
आनन-फानन में बच्चों को अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से सामने आया है कि जब बच्चे बेसुध मिले, उसके लगभग छह घंटे पहले ही उनका दम घुट गया था। पुलिस ने आगे बताया कि हमारी समझ से, एक लड़का पहले बेहोश हुआ और उसकी मौत हो गई। बाकी तीन बच्चे घबरा गए होंगे। गर्मी और ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी मौत हो गई।

रिश्तेदार की थी कार
शुरुआती जांच में पता चला कि कार में चाइल्ड लॉक नहीं था। अधिकारियों को शक है कि बच्चों ने गलती से अंदर से सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम चालू कर दिया। कार का मालिक विशाखापत्तनम से अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए गांव आया था। उसने कार को एक संकरी गली में खड़ी कर दी थी।

पुलिस ने जब्त की कार
पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है। उसे तकनीकी जांच के लिए निर्माता के पास भेजा जाएगा। भारतीय न्याय संहिता की धारा 304(A) के तहत लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया है। बच्चों के शवों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया। बाद में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। दो बच्चे सगे भाई-बहन थे। बाकी दो बच्चे अलग-अलग परिवारों के थे।

इस घटना से पूरे गांव में मातम छा गया है। हर कोई सदमे में है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या कोई लापरवाही हुई थी। आंध्र प्रदेश के परिवहन मंत्री मंदीपल्ली रामप्रसाद रेड्डी ने

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