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Monday, April 6, 2026
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आचार्य प्रशांत ने लगाई मम्‍मी-पापा को डांट, बोले ‘मत कहो मुझे तुमसे प्‍यार है, जीते जी मर जाएगा बच्‍चा’

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इंडियन पेरेंट्स इस बात को बखूबी समझते होंगे कि कहीं न कहीं वो अपने बच्‍चे के ऊपर अच्‍छे नंबर लाने और पढ़ाई में सफल होने का दबाव बनाते हैं। जो खुद आज पेरेंट हैं, उन्‍होंने अपने बचपन में अपने मां-बाप से इस तरह का रवैया देखा होगा। पेरेंट्स की इस तरह की उम्‍मीदों को लेकर आचार्य प्रशांत ने कुछ कहा है।

अपनी एक वीडियो में आचार्य प्रशांत यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि अक्‍सर मां-बाप अपने बच्‍चे से कहते हैं कि तू मेरे प्‍यार का हकदार तभी बन पाएगा जब अच्‍छे नंबर लेकर आएगा। ऐसे में बच्‍चा तो वहीं मर जाता है। मां-बाप बच्‍चे के ऊपर क्‍लास में टॉप आने का दबाव बनाते हैं।

बच्‍चे की हंसती ही खत्‍म कर दी
आचार्य प्रशांत का कहना है कि मां-बाप बच्‍चे की हंसती को उसकी परफॉर्मेस से ही जोड़ देते हैं। तुम्‍हारा परफॉर्मेंस खराब है, तो हम तुम्‍हें मुंह पर बताएंगे। तुम डांट के अधिकारी हो, तो हम तुम्‍हें डांट जरूर लगाएंगे। ये सब करने के बाद हम तुमसे कहेंगे कि हम अब भी तुमसे प्‍यार करते हैं।

सही तरीका अपनाएं
बच्‍चों की परवरिश को लेकर आचार्य प्रशांत ने कहा कि जब बच्‍चा गलती करता है या उससे कहीं कमी रह जाती है, तब मां-बाप सही तरीके से उसे समझाएं और गलती सुधारने के लिए उसका मार्गदर्शन करें। बच्‍चे को उसकी सारी गलतियां बताने के बाद उससे ये कहना कि हम तब भी तुमसे प्‍यार करते हैं, गलत है।

बच्‍चे को कैसे करें मोटिवेट
developingchild.harvard.eduके अनुसार अगर आप अपने बच्‍चे का आत्‍मविश्‍वास बढ़ाना चाहते हैंऔर उसे मोटिवेट करना चाहते हैं, तो उसे उसकी काबिलियत और उम्र के हिसाब से काम दें। अगर आप बच्‍चे को ज्‍यादा आसान काम दे देंगे, तो वो ओवर कॉन्फिडेंट बन सकता है और ज्‍यादा मुश्किल काम करने से उसकी रुचि कम हो सकती है।

रिजल्‍ट नहीं कोशिश की तारीफ करें
childmind.orgके अनुसार अगर आपके बच्‍चे के कम नंबर आते हैं, तो ऐसे में भी आपको अपने बच्‍चे को और बेहतर करने के लिए मोटिवेट करना चाहिए। उसके रिजल्‍ट से ज्‍यादा उसके प्रयासों की तारीफ करें। उससे कहें कि उसने अच्‍छी कोशिश की है।

गलतियां करने दें
बच्‍चों को सिखाने का एक तरीका यह भी है कि आप उन्‍हें गलतियां करने दें और अपनी गलतियों से सीखने का मौका दें। इससे बच्‍चे को अनुभव भी मिलता है और वो अपनी जिंदगी के फैसले लेने में भी सक्षम बनेगा।

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