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Wednesday, March 18, 2026
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जून में नहीं चलेगी हीट वेव, सामान्य से 108 फीसदी ज्यादा होगी बारिश, मौसम विभाग का दूसरा पूर्वानुमान

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नई दिल्ली:

मौसम की एकदम सटीक भविष्यवाणी के लिए भारत ने सवदेशी भारत फोरकास्ट सिस्टम (BFS) लॉन्च कर दिया है। इसके जरिए मौसम की ट्रैकिंग भी शुरू हो गई है। आज इस नए सिस्टम के जरिए ही मौसम की भविष्यवाणी की जा रही है। इस बीच मौसम विभाग ने बताया है अगले महीने जून में हीट वेव नहीं चलेगी। इसके साथ ही कोर जोन यानी खेती प्रधान राज्यों में मॉनसून के सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक जून में देश भर में सामान्य से अधिक 108 प्रतिशत बारिश होगी। पिछली बार के मुकाबले इस बार 105 प्रतिशत बारिश का पूर्वानुमान किया गया था, लेकिन अब बताया जा रहा है कि पूरे मॉनसून सीजन (एक जून से 30 सितंबर तक) में 106 प्रतिशत बारिश हो सकती है।

उत्तर पश्चिम भारत में सामान्य बारिश
जानकारी के मुताबिक मध्य भारत, दक्षिण प्रायद्वीप में सामान्य से अधिक बारिश होगी। वहीं, उत्तर पश्चिम भारत में सामान्य बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो यहां सामान्य से कम बारिश होगी। जून के महीने में देश के अधिकांश भागों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होगी। हालांकि, प्रायद्वीप, पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होगी। उत्तर पश्चिम को छोड़कर जून में अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहेगा।

प्री मॉनसून में सामान्य से ज्यादा बारिश
बताया जा रहा है कि प्री मॉनसून सीजन में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। जून में न्यूनतम तापमान देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से ज्यादा रहेगा। यानी रात के समय ज्यादा गर्मी होगी। मानसून की रफ्तार 3 से 4 दिन इसी तरह रह सकती है। बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बन चुका है, लो प्रेशर एरिया बन चुका है, यह भी मॉनसून को तेज बनाए रखेगा।

दुनिया का सबसे अच्छा मौसम मॉडल
दरअसल, भारत ने मौसम की भविष्यवाणी करने की क्षमता में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने भारत फोरकास्टिंग सिस्टम (BFS) लॉन्च किया है। यह दुनिया का सबसे अच्छा मौसम मॉडल है। यह 6 किलोमीटर के ग्रिड पर काम करता है। इसका लक्ष्य छोटे पैमाने पर होने वाले मौसम के बदलावों का सटीक अनुमान लगाना है। यह सिस्टम आपदा जोखिम को कम करने, खेती, पानी के प्रबंधन और लोगों की सुरक्षा के लिए पंचायत स्तर तक सटीक जानकारी देगा। इसके लिए ‘अर्क’ नाम का एक नया सुपर कंप्यूटर लगाया गया है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी ने कहा कि यह भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे मौसम विज्ञान के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बनेगा। BFS की मदद से पंचायत स्तर तक मौसम का सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा। इससे आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा।

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