5.9 C
London
Saturday, February 14, 2026
Homeराज्यUP : 'मर भी जाएं, तो हमें खबर न करना..', परिवार ने...

UP : ‘मर भी जाएं, तो हमें खबर न करना..’, परिवार ने छोड़ा बुजुर्ग का साथ, आखिरी समय में वृद्धाश्रम बना सहारा

Published on

गाजीपुर

यह दास्तान उस कड़वी सच्चाई को बयां करती हैं, जहां खून के रिश्ते भी स्वार्थ के सामने फीके पड़ जाते हैं। जो मां-बाप अपने पूरे जीवन में बच्चों को बड़े लाड प्यार से पालते हैं, पढ़ाते हैं, उनको जीवन में एक अच्छा इंसान बनाने के लिए अच्छे संस्कार सीखाते हैं। बच्चों की हर मांग को जीवन भर पूरा करते हैं। लेकिन वही बच्चे बड़े होते ही उनको अपने से अलग करने में लग जाते हैं। इस कलियुगी दुनिया में बच्चों द्वारा बूढ़े माता-पिता के साथ जिस तरीके का बर्ताव किया जा रहा है, और जिन घटनाओं का सामना किया जा रहा है।

कुछ ऐसा ही वाक्या उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से सामने आया है जहां वृद्ध गौरी शंकर गुप्ता पर उनके बच्चों द्वारा उत्पीड़न किया गया और अब बीते रविवार को उन्होनें एक वृद्धाश्रम में आखिरी सांस ली।

बता दें, गाजीपुर में कासिमाबाद क्षेत्र के निवासी गौरी शंकर गुप्ता की जिंदगी मेहनत और संघर्ष की कहानी थी। लेकिन बुढ़ापे में जब ताकत जवाब दे गई, वो असहाय हो गए, तो अपने ही परिवार ने उन्हें दरकिनार कर दिया। जहां उनके बेटे-बहू ने उन्हें घर से तो निकाला ही उनकी पत्नी ने भी उनका साथ नही दिया। उनके घर से लेकर ससुराल तक में कोई भी सहारा देने वाला नहीं मिला। जीवन से थक हारकर आखिरकार, 2019 में गौरी शंकर को वृद्धाश्रम में शरण लेनी पड़ी। जहां उन्होंने अपने जीवन के अंतिम छह साल बिताए। और बीते रविवार देर शाम उन्होंने वृद्धाश्रम में आखिरी सांस लेते हुए इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

गौरी शंकर गुप्ता का अंतिम समय में कोई साथ देने वाला नहीं था। मृत्यु की सूचना मिलने पर सिर्फ उनका साला पहुंचा, जिसने बताया कि गौरी शंकर की पत्नी पांच दिन पहले मायके आई थीं और कह गई थीं कि ‘अगर वे मर भी जाएं, तो हमें खबर न करना।’

गौरी शंकर गुप्ता के अंतिम संस्कार के समय उनका बेटा, बहू या अन्य रिश्तेदारों में से कोई भी सामने नहीं आया। वृद्धाश्रम की संरक्षिका ज्योत्सना सिंह और वहां रहने वाली वृद्ध महिलाओं ने गौरी शंकर को अंतिम संस्कार में कंधा दिया और विधि-विधान से उनकी अंतिम यात्रा पूरी की। वृद्धाश्रम के लोगों ने ही उनके आखिरी समय में उनकी देखभाल की।

समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित वृद्धाश्रम में 58 बुजुर्ग रहते हैं। ज्योत्सना सिंह और उनका स्टाफ इन बुजुर्गों की सेवा करते हैं। सोमवार सुबह करीब 9 बजे ज्योत्सना ने बताया कि कासिमाबाद क्षेत्र के निवासी गौरी शंकर गुप्ता का अंतिम संस्कार सम्मानपूर्वक कर दिया गया।

यह कहानी दिल को छूती है और सवाल उठाती है कि क्या बुजुर्ग माता-पिता सिर्फ बोझ हैं, जिन्हें अपनाने से लोग कतराते हैं? या परिवार की असली परिभाषा वही है, जो आखिरी वक्त में साथ दे? यह घटना परिवार की बेरुखी और वृद्धाश्रम की ममता के बीच का अंतर साफ दर्शाती है।

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया ‘टाइगर इंटरनेशनल हाफ मैराथन’ का शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मुख्य आतिथ्य में शुक्रवार को 'अलवर टाइगर इंटरनेशनल हाफ मैराथन'...

भजनलाल सरकार में राजस्थान के निर्यात में रिकॉर्ड उछाल: पहली छमाही में ही 50,900 करोड़ के पार पहुँचा आंकड़ा

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान के निर्यात सेक्टर का निरंतर विकास हो...

छह छंदों के साथ ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य, सरकार ने जारी किए आदेश

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने देशभक्ति की भावना को और प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से...

मप्र पुलिस बनेगी ड्रोन पायलट, अपराधियों पर कसेगी नकेल

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस अब आधुनिक तकनीक के साथ कदमताल करने जा रही है। पुलिस...

More like this

गोविंदपुरा को विकास की नई सौगात: राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया 5.65 करोड़ के सड़क कार्यों का भूमिपूजन

भोपाल राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में...

विश्वास का प्रतीक होती हैं सहकारिता संस्थाएं: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि...

ग्राम उत्थान शिविर’ से संवर रहा ग्रामीण राजस्थान

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की 'जनसेवा ही सर्वोपरि' की अवधारणा को साकार करते हुए प्रदेश...