11.5 C
London
Wednesday, February 11, 2026
Homeराज्यकेदारनाथ हाइवे पर हुआ लैंडस्लाइड, जारी हुई ट्रेवल एडवाइजरी…अभी ऊंचे इलाकों पर...

केदारनाथ हाइवे पर हुआ लैंडस्लाइड, जारी हुई ट्रेवल एडवाइजरी…अभी ऊंचे इलाकों पर ना जाएं यात्री

Published on

उत्तराखंड के केदारनाथ नेशनल हाईवे पर एक दर्दनाक हादसा हुआ है। गुप्तकाशी के पास कुंड के नजदीक गुरुवार को हुए भूस्खलन में एक शख्स की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए। ये जगह केदारनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अहम रास्ता है।

सरकारी जानकारी के मुताबिक, भूस्खलन के कारण एक गाड़ी पर भारी मलबा गिर गया, जिसमें छत्तीसगढ़ से आए तीर्थयात्री सवार थे। इस हादसे में गाड़ी के ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई और पांच यात्री घायल हो गए। मृतक का नाम राजेश सिंह रावत (38) था, जो टिहरी गढ़वाल के लंबगांव के रहने वाले थे। वे दुर्ग (छत्तीसगढ़) से आए युवाओं को केदारनाथ लेकर जा रहे थे। चलिए जानते हैं क्या जारी हुई है ट्रेवल एडवाइजरी।

रस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे के बाद स्टेशन डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घायलों को अगस्त्यमुनि अस्पताल पहुंचाया गया है। घायलों की उम्र 19 से 25 साल के बीच है। इनमें से दो की हालत गंभीर है जबकि तीन को हल्की चोटें आई हैं।

ऊंचे इलाकों पर ना जाएं पर्यटक
बारिश के मौसम में पहाड़ों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बना रहता है। इस समय भी हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बारिश और खराब मौसम के चलते हालात अस्थिर है। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि कुछ दिन ऊंचे इलाकों की यात्रा टाल दें।

ना करें बारिश में इन इलाकों की यात्रा
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिक कृष्णा मिश्रा ने बताया कि 30, 31 मई और 1 जून को उत्तराखंड में और 31 मई और 1 जून को हिमाचल प्रदेश में तेज बारिश और हवाएं चल सकती हैं। जब तक मौसम ठीक न हो, तब तक इन इलाकों की यात्रा न करें।

यात्रा से पहले मौसम की जानकारी रखें
जो यात्री और श्रद्धालु चार धाम यात्रा पर जा रहे हैं, जैसे केदारनाथ, उन्हें सलाह दी जाती है कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों को गंभीरता से मानें। मानसून के समय उत्तराखंड के पहाड़ी रास्ते खतरनाक हो जाते हैं। पिछले सालों में कई दुखद हादसे हो चुके हैं, इसलिए यात्रियों से अनुरोध है कि सावधानी बरतें, सही योजना बनाएं और किसी भी ऊंचाई वाले इलाके में जाने से पहले ऑफिशियल सोर्स से अपडेट लेते रहें, खासकर मानसून के दौरान।

Latest articles

उर्वशी और अनुश्री ने गायकी से समाँ बाँधा.

भोपाल की युवा गायिका अनुश्री संगमनेकर ने मन मोह लेने वाले गायन से जो...

भाजपा भोपाल जिला कार्यकारिणी का गठन, 37 पदाधिकारियों की घोषणा

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत जी खंडेलवाल की सहमति से...

भौतिक और सामाजिक विकास का संतुलन है बजट : राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर — ओरिएंटल कॉलेज भोपाल में विकसित भारत बजट पर युवा संवाद

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि...

More like this

विश्वास का प्रतीक होती हैं सहकारिता संस्थाएं: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि...

ग्राम उत्थान शिविर’ से संवर रहा ग्रामीण राजस्थान

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की 'जनसेवा ही सर्वोपरि' की अवधारणा को साकार करते हुए प्रदेश...

पटना-इंदौर एक्सप्रेस में कछुओं की तस्करी

भोपाल रेल से प्रतिबंधित वन्यजीवों की तस्करी के एक गंभीर मामले में आरपीएफ ने पटना-इंदौर...