11.4 C
London
Tuesday, February 10, 2026
HomeUncategorizedचीन के हाथ लगा अरबों डॉलर का महाखजाना, टूटेगा वर्षों का विश्व...

चीन के हाथ लगा अरबों डॉलर का महाखजाना, टूटेगा वर्षों का विश्व रेकॉर्ड, बदल जाएगी ड्रैगन की किस्मत

Published on

बीजिंग

चीन के हाथ बड़ा खजाना लगा है, जो आर्थिक तौर पर उसकी तस्वीर बदल सकता है। चीन के भूवैज्ञानिकों को एक मौजूदा खदान के नीचे सोने का विशाल भंडार मिला है। बीजिंग के अधिकारियों का अनुमान है कि सोने का यह भंडार 1,100 टन हो सकता है, जो जमीन की सतह से 9,800 फीट नीचे तक फैला है। चीनी विशेषज्ञों का दावा है कि यह किसी भी कीमती धातु के दुनिया के सबसे बड़े भंडार होने का रेकॉर्ड अपने नाम करने जा रहा है। एक्सपर्ट को इस भंडार से उच्च गुणवत्ता वाला सोने निकलने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के भूवैज्ञानिकों की टीम ने हुनान प्रांत में पिंगजियांग काउंटी के वांगु गोल्ड फील्ड के नीचे करीब 6,600 फीट गहरे 330 टन सोने के अयस्क की 40 से अधिक सोने की वाइन्स खोजी हैं। 3डी मॉडलिंग से पता चलता है कि 9,800 फीट की गहराई तक 1,100 टन तक का भंडार हो सकता है। अगर ये मॉडल सटीक निकले तो सोने के इस पूरे भंडार की कीमत 83 अरब डॉलर तक हो सकती है।

सोने की गुणवत्ता शानदार
नई खोज में अयस्क के प्रति मीट्रिक टन में 138 ग्राम सोना है। ऐसा सोने के खनन में बहुत मुश्किल पाया जाता है यानी इसकी गुणवत्ता बेहद अच्छी है। हुनान प्रांत के भूवैज्ञानिक ब्यूरो के चेन रुलिन ने कह ड्रिल किए गए रॉक कोर में सोने का ये अतिरिक्त भंडार दिखाई दिया है। उनका कहना है कि अगर 1,100 टन का आंकड़ा सही रहता है तो यह दुनिया की सबसे बड़ी सोने की खदान बन जाएगी।

दुनिया में सबसे बड़ी सोने की खदान का रिकॉर्ड अभी तक दक्षिण अफ्रीका की साउथ डीप खान के नाम पर है, जिसमें 1,025 टन सोना है। इंडोनेशिया, रूस, न्यू गिनी और चिली की खदानें दुनिया की शीर्ष पांच सोने की खदानों में शामिल हैं। नेवादा में कार्लिन ट्रेंड और कोर्टेज सोने की खदानें दुनिया में छठे और 10वें स्थान पर हैं। चीन को सोने का ये भंडार मिलता है तो उसकी अर्थव्यवस्था को बड़ा उछाल मिल सकता है।

चीन के पास कितना सोना
दुनिया में अभी तक 2,33,000 टन सोना निकाला गया है, जो अलग-अलग रूप में मौजूद है। इसका दो-तिहाई हिस्सा 1950 के बाद निकाला गया है। चीन का सोने के खनन में अहम योगदान है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन में सोने के कई भंडार छिपे हैं। चीन दुनिया के सोने के बाजार में सबसे आगे है। चीन का खनन उद्योग दुनिया में सोने के उत्पादन में 10 प्रतिशत योगदान देता है।

चीन गोल्ड रिजर्व के मामले में दुनिया में छठे नंबर पर है। चीन के पास 2,264 टन सोने का भंडार है। चीन ने हालिया वर्षों में तेजी से अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ाया है। सोने के भंडारों की नई खोज से चीन का गोल्ड रिजर्व आने वाले समय में और बढ़ सकता है। इस समय दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड रिजर्व अमेरिका के पास है। वहीं भारत गोल्ड रिजर्व के लिहाज से दुनिया में नौवें नंबर पर है।

Latest articles

भोपाल में किन्नर समाज की नई नेतृत्व व्यवस्था —सुरैया नायक ने पांच किन्नरों को सौंपी जिम्मेदारी, विवाद शांत करने की पहल

भोपाल राजधानी भोपाल में किन्नर समाज से जुड़े विवाद के बीच नया मोड़ सामने आया...

भौतिक और सामाजिक विकास का संतुलन है बजट : राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर — ओरिएंटल कॉलेज भोपाल में विकसित भारत बजट पर युवा संवाद

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि...

आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी के सानिध्य में ‘हर माह-एक उपवास’ अभियान — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कार्यक्रम में शामिल, धर्म और संयम का दिया संदेश

भोपाल आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित ‘हर माह-एक उपवास’ अभियान...

संतों के विचारों से मजबूत होती है सनातन संस्कृति : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर के आराध्य श्री गोविंददेव जी मंदिर परिसर...

More like this

भोपाल में किन्नर समाज की नई नेतृत्व व्यवस्था —सुरैया नायक ने पांच किन्नरों को सौंपी जिम्मेदारी, विवाद शांत करने की पहल

भोपाल राजधानी भोपाल में किन्नर समाज से जुड़े विवाद के बीच नया मोड़ सामने आया...

भौतिक और सामाजिक विकास का संतुलन है बजट : राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर — ओरिएंटल कॉलेज भोपाल में विकसित भारत बजट पर युवा संवाद

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि...

आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी के सानिध्य में ‘हर माह-एक उपवास’ अभियान — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कार्यक्रम में शामिल, धर्म और संयम का दिया संदेश

भोपाल आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित ‘हर माह-एक उपवास’ अभियान...