9.7 C
London
Wednesday, February 11, 2026
Homeराजनीतिसंसद में हंगामा: सरकार ने 130वाँ संविधान संशोधन सहित तीन अहम बिल...

संसद में हंगामा: सरकार ने 130वाँ संविधान संशोधन सहित तीन अहम बिल पेश किए, विपक्ष का विरोध

Published on

नई दिल्ली।

संसद में हंगामा: सरकार ने 130वाँ संविधान संशोधन सहित तीन अहम बिल पेश किए, विपक्ष का विरोध,मानसून सत्र में केंद्र सरकार ने मंगलवार को तीन बड़े विधेयक पेश किए—130वाँ संविधान (संशोधन) विधेयक, गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज़ (संशोधन) विधेयक और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक। पेशकश के दौरान विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध किया। कुछ सांसदों ने बिल की प्रतियाँ फाड़कर गृह मंत्री अमित शाह की ओर उछालने का भी प्रयास किया, जिससे सदन में तीखा हंगामा हुआ।

क्या है मामला

सरकार ने कहा कि इन विधेयकों का उद्देश्य शासन-व्यवस्था को “अधिक जवाबदेह और सुचारु” बनाना है।

चर्चा में मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों से जुड़े पद एवं पात्रता नियमों में बदलाव का प्रस्ताव प्रमुख रहा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि इससे संघीय ढांचे और राज्यों की स्वायत्तता प्रभावित होगी।

यूनियन टेरिटरीज़ कानून में बदलाव का मसौदा प्रशासनिक ढांचे को स्पष्ट करने से जुड़ा है, जबकि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून में संशोधन केंद्र-शासित प्रदेश की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अद्यतन करने से संबंधित बताया गया।

सदन में क्या हुआ

विपक्षी दलों ने नारेबाज़ी की और कार्यवाही स्थगित करने की मांग की।

हंगामे के बीच स्पीकर/अध्यक्ष ने व्यवस्था बनाए रखने की चेतावनी दी।

भारी शोर-शराबे में बिलों की औपचारिक पेशकश पूरी हुई; विस्तृत चर्चा अगली कार्यवाही में होने की संभावना है।

किन-किन प्रावधानों पर चर्चा गरम

सीएम व मंत्रियों के पद: पात्रता/पद धारण से जुड़े प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव; विपक्ष का कहना है कि इससे राज्यों के अधिकार प्रभावित होंगे।

केंद्र शासित प्रदेश कानून (1963) में संशोधन: प्रशासकीय दायित्वों व नियमों की स्पष्टता।

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (2019) में संशोधन: प्रशासनिक ढांचे को अद्यतन करने वाले प्रावधान।

यह भी पढ़िए: कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में एंटी-रैगिंग वीक का आयोजन

सरकार और विपक्ष के बयान (मुख्य बिंदु)

सरकार: सुधारों से शासन और जवाबदेह होगा; कानूनी अस्पष्टताएँ दूर होंगी।

विपक्ष: प्रक्रियागत जल्दबाज़ी और संघीय ढांचे में दखल का आरोप; बिलों को विस्तृत जांच के लिए भेजने की मांग।

आगे क्या

बिलों को संबंधित प्रक्रियाओं/समिति के पास भेजे जाने और विस्तृत चर्चा के बाद मतदान की संभावना है।

संबंधित प्रावधानों पर सरकार स्पष्टीकरण दे सकती है; विपक्ष संशोधन नोटिस लाने की तैयारी में है।

Latest articles

भाजपा भोपाल जिला कार्यकारिणी का गठन, 37 पदाधिकारियों की घोषणा

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत जी खंडेलवाल की सहमति से...

भोपाल में किन्नर समाज की नई नेतृत्व व्यवस्था —सुरैया नायक ने पांच किन्नरों को सौंपी जिम्मेदारी, विवाद शांत करने की पहल

भोपाल राजधानी भोपाल में किन्नर समाज से जुड़े विवाद के बीच नया मोड़ सामने आया...

भौतिक और सामाजिक विकास का संतुलन है बजट : राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर — ओरिएंटल कॉलेज भोपाल में विकसित भारत बजट पर युवा संवाद

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि...

आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी के सानिध्य में ‘हर माह-एक उपवास’ अभियान — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कार्यक्रम में शामिल, धर्म और संयम का दिया संदेश

भोपाल आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित ‘हर माह-एक उपवास’ अभियान...

More like this

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एनआईए परिसर में नवनिर्मित ‘सुश्रुत भवन’ ओपीडी का किया लोकार्पण

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एनआईए (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद) परिसर में नवनिर्मित ओपीडी भवन...

खेजड़ी संरक्षण कानून की घोषणा पर संतों एवं प्रबुद्धजनों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का किया अभिनंदन

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पर्यावरण प्रेमी संतों एवं प्रबुद्धजनों ने शिष्टाचार भेंट की और...

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कटर मैन बदमाश को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम का किया सम्मान

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र...