बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA की प्रचंड जीत के बाद अब नई सरकार के गठन के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) के पद को लेकर भी अटकलें तेज़ हो गई हैं. सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार इस पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं.
प्रेम कुमार ने हाल ही में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा से मुलाकात की, जिसके बाद उनकी दावेदारी को और बल मिला है.
1. प्रेम कुमार क्यों हैं सबसे बड़े दावेदार?
प्रेम कुमार को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना कई कारणों से सबसे ज़्यादा है:
- वरिष्ठता: वह गया टाउन सीट से लगातार नौ बार (9 बार) विधायक चुने गए हैं. उन्होंने पहली बार 1990 में चुनाव जीता था.
- अनुभव: उनके पास बिहार सरकार में विभिन्न मंत्रालयों (जैसे कृषि, नगर विकास, सड़क निर्माण, लोक स्वास्थ्य) में मंत्री के रूप में काम करने का लंबा अनुभव है. वह 2015 में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं.
- पार्टी की इच्छा: सूत्रों के अनुसार, BJP इस बार विधानसभा अध्यक्ष का पद अपने पास रखना चाहती है, और प्रेम कुमार पार्टी के सबसे वरिष्ठ विधायक हैं.
- उपमुख्यमंत्री का समर्थन: उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सार्वजनिक रूप से प्रेम कुमार के नाम का समर्थन करते हुए कहा है कि वह सदन को प्रभावी ढंग से चलाने में सक्षम होंगे.
2. उपमुख्यमंत्री से मुलाकात और उनका संकेत
मंगलवार को प्रेम कुमार ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के आवास पर उनसे मुलाकात की.
- प्रेम कुमार का बयान: इस मुलाकात के बाद प्रेम कुमार ने मीडिया से कहा, “पार्टी जो भी भूमिका तय करेगी, उसे मैं पूरी निष्ठा से निभाऊंगा.” इस बयान को उनके नए संभावित पद की ओर इशारा माना जा रहा है.
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3. जातिगत समीकरण और राजनीतिक प्रोफाइल
प्रेम कुमार का राजनीतिक प्रोफाइल उन्हें एक अनुभवी और प्रभावी नेता बनाता है, जो विभिन्न जिम्मेदारियों को संभाल चुके हैं.
- शैक्षणिक योग्यता: डॉ. प्रेम कुमार ने एमए, एलएलबी और पीएचडी (इतिहास) की उपाधि मगध विश्वविद्यालय से प्राप्त की है.
- जातिगत पहचान: उनका संबंध अत्यंत पिछड़ी जाति (EBC) की चंद्रवंशी (कहार) जाति से है.
