भोपाल।
राजा भोज की नगरी भोपाल के भेल दशहरा मैदान पर चल रहे भोजपाल महोत्सव मेला का मंच सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गुलजार हो रहा है। शुक्रवार को कलाकारों ने राजस्थान की परंपरागत लोक गायन और लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी। शनिवार को बाबा महाकाल के भक्त और भजन गायक किशन भगत की प्रस्तुति से मेला मंच गुलजार रहेगा तो रविवार को बॉलीवुड नाइट में इंडियन आइडल फेम सनमुखप्रिया अपनी टीम के साथ सुमधुर गीतों की प्रस्तुति देंगी। शाम 7 बजे मेला अध्यक्ष सुनील यादव, महामंत्री हरीश कुमार राम सहित मेला टीम ने गणेश वंदना व दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
राजस्थान की लोकनृत्यों से बांधा शमां
शुक्रवार को मेला मंच पर अपनी टीम के साथ आए कलाकारों ने राजस्थान के गायन और लोकनृत्यों की प्रस्तुति से शमां बांध दिया। इस दौरान राजस्थान की परंपरागत गायन, वादन, फोग डांस के साथ ही चकरी, घूमर, चरी सहित अन्य लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी। इन कलाकारों की प्रस्तुति देखने और सुनने बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
किशन भगत के भजनों की प्रस्तुति आज
भोजपाल महोत्सव मेला के सांस्कृतिक मंच पर शनिवार को भजन गायक किशन भगत बाबा महाकाल और प्रभु श्रीराम के भजनों की प्रस्तुति देंगे। इंदौर निवासी किशन भगत उज्जैन के राजा, महाकाल तेरी गुलामी मेरे काम आ रही है, महाकाल का नाम जपो, मैं भोले का दीवाना भोले को मानता हूं के साथ ही प्रभु श्रीराम के एक से बढकऱ एक सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देंगे। उन्होंने अपना पहला गाना महाकाल के राजा को रिकॉर्ड कराया। इस गाने को इतनी प्रसिद्धि मिली कि किशन ने फिर पीछे मुडकऱ नहीं देखा। आज देश भर में अपनी भजनों से बाबा महाकाल की अलख जगा रहे हैं। शनिवार को आपके शहर में चल रहे भोजपाल महोत्सव मेले में प्रस्तुति देंगे।
बॉलीवुड नाइट में सनमुखप्रिया मचाएंगी धमाल
मेला मंच पर रविवार को बॉलीवुड नाइट में इंडियन आइडल फेम सनमुखप्रिया अपनी प्रस्तुति देंगी। आंध्र प्रदेश की रहने वाली सन्मुख प्रिया ने पांच साल की उम्र से गाना गाना शुरू किया और अब अपने ग्लैमर से धूम मचा रही हैं। वे म्यूजिकल फैमिली से हैं। उनके माता- पिता दोनों म्यूजिक टीचर है। इंडियन आइडल 12 की फाइनलिस्ट के तौर पर उन्हें प्रसिद्धि मिली। सन्मुख प्रिया कर्नाटक संगीत, जैज़, रॉक और पॉप सहित विभिन्न शैलियों में अपनी गायन प्रतिभा के लिए जानी जाती हैं। वह अपनी अनूठी आवाज़ और पश्चिमी और शास्त्रीय भारतीय संगीत के मिश्रण के लिए भी प्रसिद्ध हैं।
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शिमला वैली में बर्फवारी का नजारा देखने पहुंच रहे लोग
शहरवासियों को शिमला जाने की जरूरत नहीं, अब उन्हें शहर में चल रहे भोजपाल महोत्सव मेला में चैतन्य आर्ट द्वारा प्रस्तुत शिमला वैली का नजारा देखने को मिल रहा है। संचालक आर्टिस्ट अंजली डेहरिया ने बताया कि शिमला वैली की बर्फीली पहाडिय़ों में रोमांचक सफर के साथ, वहां का वातावरण, बर्फ में पाए जाने वाले जानवरों का दीदार कर सकेंगे। इसमें स्नोमैन, पेंगविन, धु्रवीय प्रदेशों में पाए जाने वाले पोलर वियर, रेडियर, मशरूम, सफेद शेर, खरगोश, बर्फीली गुफा, ऊंचे- ऊंचे कश्मीरी चीर के पेड़, नदी, झील, पर्वत, झरना, पवनचक्की आदि देखने को मिलेगी। साथ ही इग्लू (बर्फ का घर), डॉल्फिन, सफेद याक, सफेद तितलियां, सफेद कछुआ आदि देखने को मिल रहे हैं।
