बैतूल।
बैतूल में साइबर अपराध के एक संगठित और हाईटेक नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने पिछले सात महीनों में एक ही म्यूल खाते से 10 करोड़ रुपए से अधिक के लेनदेन का पता लगाया है। यह गिरोह फर्जी फर्मों, म्यूल खतों और अवैध सिम काहों का उपयोग कर ऑनलाइन बेटिंग और साइबर ठगी के पैसे को देशभर में घुमा रहा था।
एसपी वीरेंद्र जैन और एएसपी कमला जोशी के निर्देश पर गठित साइबर सेल और विशेष एसआईटी टीम ने अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालिया कार्रवाई में अचिन धर्मवाल, प्रवीण जायसवाल और पीयूष राठौड़ को पकड़ा गया है। आरोपी अश्विन धर्मवाल ने खिरकिया (हरदा) में अश्विन एग्रो नामक एक फर्जी फर्म पंजीकृत कराई थी। इस फर्म का चालू खाता ऑनलाइन बेटिंग के पैसों के लेनदेन के लिए अन्य आरोपियों को सौंपा गया था।
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इस खाते से कुल 10 करोड़ 12 लाख रुपए का लेनदेन है। आरोपियों को इस काम के लिएकमीशन हुआ मिलता था, प्रवीण जायसवाल बैंक खाते खुलवाने और उपलब्ध कराने का काम करता था। जांच में सामने आया है कि उसने इंदौर, खंडवा, हरदा और महाराष्ट्र में लगभग 50 फर्जी खाते खुलवाए थे, जिनमें से 20 चालू खाते सक्रिय थे। इन खातों को उपलब्ध कराने के एवज में उसे कमीशन मिलता था, जो बचत खाते पर 10,000 रुपए और चालू खाते पर 26,500 रुपए तक था।
