भोपाल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य बजट 2026-27 राजस्थान के समग्र और सतत विकास को सुनिश्चित करेगा तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश के 8 करोड़ नागरिकों के प्रति सरकार के कर्तव्यों का दस्तावेज है। राज्य विधानसभा में उपमुख्यमंत्री (वित्त) दिया कुमारी द्वारा बजट प्रस्तुत किए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यह बजट महिला, युवा, मजदूर, किसान, वंचित और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के कल्याण को समर्पित है। बजट में अवसंरचना विकास, शिक्षा, चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट का आकार 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये रखा गया है, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा की गई बजट घोषणाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 की 1441 घोषणाओं में से 1246 और वर्ष 2024-25 की 1277 घोषणाओं में से 1188 घोषणाओं की क्रियान्विति की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बजट को 10 प्रमुख स्तंभों पर आधारित किया गया है, जिनमें अवसंरचना विस्तार, नागरिक सुविधाएं, औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन, मानव संसाधन सशक्तीकरण, सामाजिक सुरक्षा, पर्यटन एवं सांस्कृतिक संरक्षण, सुशासन और डिजिटल परिवर्तन, कृषि विकास तथा हरित विकास शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट अनुमान के अनुसार राज्य की जीएसडीपी 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये होने की संभावना है, जबकि प्रति व्यक्ति आय पहली बार 2 लाख रुपये से अधिक होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 53 हजार 978 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के लिए 32 हजार 526 करोड़ रुपये और ग्रीन बजट के लिए 33 हजार 476 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शिक्षा क्षेत्र के लिए 69 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 400 स्कूलों को सीएम राइज विद्यालयों के रूप में विकसित किया जाएगा। जयपुर के जे.के. लोन अस्पताल में 500 बेड का आईपीडी टावर और आरयूएचएस में 200 बेड का पीडियाट्रिक आईपीडी विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने 5 साल में 4 लाख नौकरियों के लक्ष्य के तहत अब तक 1 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी हैं और 1 लाख 54 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
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