भोपाल।
राजधानी भोपाल के संकेत नगर क्षेत्र में रहने वाले 75 वर्षीय सेवानिवृत्त भेल अधिकारी के साथ साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 52 लाख रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दिया। साइबर ठगों ने बुजुर्ग अधिकारी पर उनके दस्तावेजों से फर्जी बैंक खाता खुलवाने और उस खाते का संबंध कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले से जोड़ने का झूठा आरोप लगाया। ठगों की धमकियों से डरे बुजुर्ग को चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया। इस दौरान ठगों ने उनसे उनके बैंक खातों, एफडी, पॉलिसी और अन्य वित्तीय जानकारियां हासिल कर लीं। इसके बाद कहा गया कि जांच के लिए पूरी राशि आरबीआई के सरकारी खाते में जमा करनी होगी और जांच पूरी होने पर रकम लौटा दी जाएगी।
डर और झूठे केस में फंसने की धमकी के चलते पीड़ित दंपती ने अपनी एफडी और पोस्ट ऑफिस योजनाएं तुड़वाकर राशि सेंट्रल बैंक खाते में जमा की। 2 दिसंबर 2025 को 25 लाख रुपये आरोपियों के खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके बावजूद ठग लगातार दबाव बनाते रहे और विश्वसनीयता दिखाने के लिए व्हाट्सएप पर फर्जी आरबीआई लेटर भी भेजा गया। आखिरकार 6 दिसंबर 2025 को पीड़ित से 27 लाख रुपये और ट्रांसफर करवा लिए गए। इस प्रकार कुल 52 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। जब रकम वापस नहीं मिली और संपर्क टूट गया, तब एक सप्ताह बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी है।
