Kidney Disease: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, कम पानी पीना और काम का तनाव हमारी किडनी (Kidney) पर बहुत बुरा असर डाल रहा है। किडनी हमारे शरीर का वो ‘फिल्टर’ है जो खून को साफ करती है, गंदगी (Toxins) बाहर निकालती है और पानी का बैलेंस बनाए रखती है। लेकिन जब यह फिल्टर खराब होने लगता है, तो पूरे शरीर की मशीनरी बिगड़ जाती है। आयुर्वेद और ‘स्वर विज्ञान’ (Swar Vigyan) में एक ऐसी चमत्कारी तकनीक बताई गई है, जिसे अगर आप पेशाब करते समय अपना लें, तो किडनी की बड़ी से बड़ी बीमारियों से बच सकते हैं। आइए जानते हैं क्या है वो रहस्यमयी तरीका।
नाक से बहने वाली हवा में छिपा है बीमारियों का इलाज
स्वर विज्ञान एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है जो हमें बताता है कि हमारी नाक के दोनों छिद्रों (Nostrils) से चलने वाली सांस हमारे शरीर के अलग-अलग अंगों को कैसे प्रभावित करती है। जब हम दाईं नाक से सांस लेते हैं, तो इसे ‘सूर्य नाड़ी’ कहते हैं, जो शरीर में गर्मी पैदा करती है। वहीं, बाईं नाक से चलने वाली सांस को ‘चंद्र नाड़ी’ (Chandra Nadi) कहा जाता है, जो शीतलता यानी ठंडक का प्रतीक है। किडनी की सेहत का सीधा संबंध इसी चंद्र नाड़ी से जुड़ा है।
पानी और खून की सफाई के लिए चाहिए ‘कूलिंग एनर्जी’
हमारी किडनी मुख्य रूप से जल तत्व (Water element) और खून की सफाई से जुड़ी है। स्वर योग के अनुसार, चंद्र नाड़ी का स्वभाव भी ठंडा और जलीय है। जब हम चंद्र नाड़ी का उपयोग करते हैं, तो शरीर की अतिरिक्त गर्मी शांत होती है। इससे किडनी पर पड़ने वाला दबाव (Pressure) कम होता है और पेशाब के दौरान होने वाली जलन या इन्फेक्शन की समस्या जड़ से खत्म होने लगती है। यह एक प्राकृतिक ‘कूलिंग सिस्टम’ की तरह काम करता है जो किडनी को हमेशा फ्रेश रखता है।
बाईं नाक से सांस लेना है किडनी के लिए वरदान
विशेषज्ञों के अनुसार, जब भी आप पेशाब (Urinate) करने बैठें, तो एक बात का खास ख्याल रखें—आपकी सांस आपकी बाईं नाक (Left Nostril) यानी चंद्र नाड़ी से चलनी चाहिए। पेशाब करते समय केवल बाईं ओर से ही सांस लें और छोड़ें। अगर उस समय दाईं नाक चल रही हो, तो उसे उंगली से हल्का दबा लें। ऐसा करने से शरीर का टॉक्सिन रिलीज करने का प्रोसेस तेज हो जाता है और किडनी को गंदगी बाहर निकालने में बहुत कम मेहनत करनी पड़ती है।
दाईं करवट लेटने से तुरंत खुल जाएगा बायां स्वर
अपनी चंद्र नाड़ी को चेक करने का तरीका बहुत आसान है। अपनी दाईं नाक को उंगली से बंद करें और देखें कि क्या आप बाईं नाक से आराम से सांस ले पा रहे हैं? अगर हाँ, तो आपकी चंद्र नाड़ी एक्टिव है। लेकिन अगर बाईं नाक बंद लग रही है, तो स्वर विज्ञान का एक देसी नुस्खा आज़माएं—बस 2-3 मिनट के लिए दाईं करवट (Right Side) लेकर लेट जाएं। ऐसा करने से आपकी बाईं नाक तुरंत खुल जाएगी और चंद्र नाड़ी एक्टिव हो जाएगी।
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पेशाब में जलन और बदबू है खतरे की घंटी
अगर आप समय रहते सावधानी नहीं बरतते, तो किडनी डैमेज होने के लक्षण दिखने लगते हैं। जब किडनी में समस्या होती है, तो पेशाब की मात्रा अचानक कम हो जाती है। इसके अलावा, पेशाब से बहुत तेज और बुरी बदबू आना, पेशाब का रंग गहरा होना और उसमें लगातार जलन महसूस होना इशारा है कि आपकी किडनी खतरे में है। स्वर विज्ञान के इस तरीके को अपनी आदत में शामिल करके आप इन खतरों को काफी हद तक टाल सकते हैं और हमेशा स्वस्थ रह सकते हैं।
