सोमनाथ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सोमनाथ पर हमला करने वाले आक्रांता इतिहास के पन्नों में सिमट गए हैं, जबकि आस्था और संस्कृति आज भी अडिग है। प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में लगभग 30 मिनट तक पूजा-अर्चना की। उन्होंने जल, पुष्प, धूप-अर्पित कर पंचामृत से अभिषेक किया। इस दौरान मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने राष्ट्र की समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। पूजा के उपरांत प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और वहां मौजूद श्रद्धालुओं से भी संवाद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं द्वारा बार-बार किए गए हमलों के बावजूद सोमनाथ की पुनर्स्थापना भारत की अदम्य इच्छाशक्ति का प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा 11 जनवरी तक चलने वाले उनके धार्मिक एवं सांस्कृतिक दौरे का हिस्सा है। इस दौरान उन्होंने सोमनाथ में आयोजित विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लिया। प्रधानमंत्री ने बताया कि उनका यह दौरा 108 घंटों के विशेष धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़ा हुआ है, जिसमें देश की प्राचीन विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों को रेखांकित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो शक्तियां भारत को आस्था से तोड़ना चाहती थीं, वे आज इतिहास बन चुकी हैं, लेकिन भारत की सनातन परंपरा और संस्कृति पहले से अधिक सशक्त होकर खड़ी है।
