नई दिल्ली
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गई। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के दो दिन बाद उनकी पत्नी मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह का भी निधन हो गया है।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, मंसूरेह दो दिन पहले अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में घायल हुई थीं। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इसी हमले में खामेनेई की भी मौत हुई थी। इस बीच युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर नाराजगी जताई है। मामला हिंद महासागर स्थित सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि अमेरिका जंग के पहले दिन ही इस बेस से ईरान पर हमला करना चाहता था, लेकिन ब्रिटेन ने 48 घंटे बाद इसकी अनुमति दी। ब्रिटेन ने स्पष्ट किया कि इस अड्डे का इस्तेमाल केवल ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है। इस देरी पर ट्रम्प ने निराशा जताई है।
4 देशों में 6 अमेरिकी बेस पर ईरान का पलटवारसोमवार को ईरान ने मध्य-पूर्व के चार देशों में स्थित छह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। Kuwait में अमेरिका के कई फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गए। बताया गया है कि जेट हवा में नियंत्रण खोने के बाद जमीन से टकरा गए, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इसी दौरान कुवैत की वायुसेना ने कथित तौर पर तीन अमेरिकी फाइटर जेट्स को दुश्मन का विमान समझकर निशाना बना लिया। हादसे में सभी अमेरिकी पायलट सुरक्षित बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर, ईरान के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने स्पष्ट किया है कि ईरान अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने उन खबरों का खंडन किया जिनमें दावा किया जा रहा था कि तेहरान ने वार्ता की कोशिश की है। जंग के तीसरे दिन हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं, जिससे पूरे मध्य-पूर्व में अस्थिरता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
