भोपाल
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविदा और सहायक कर्मचारियों के हितों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। भोपाल के न्यू दशहरा मैदान में आयोजित विशाल महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
2023 के प्रावधानों का होगा अक्षरशः पालन मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में घोषणा करते हुए कहा कि वर्ष 2023 में संविदा कर्मचारियों के लिए जो भी प्रावधान किए गए थे, उनका आचरण सुनिश्चित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा चुनाव से पहले आयोजित महापंचायत में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने और उन्हें नियमित कर्मचारियों की भांति सुविधाएं देने का आदेश दिया था।
सत्ता परिवर्तन के बाद यह मामला लंबित चल रहा था, जिसे अब वर्तमान सरकार ने अमलीजामा पहनाने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग और मजदूर संघ की बनेगी संयुक्त समिति कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने एक नई व्यवस्था की घोषणा की है सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) और वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति बनाई जाएगी। ह समिति कर्मचारियों से जुड़े सभी विषयों और मूल्यों पर विस्तार से विचार कर निर्णय लेगी।
मुख्यमंत्री ने सहायक कर्मचारियों के हितों की रक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताया। न्यू दशहरा मैदान में गूंजी कर्मचारियों की आवाज भोपाल के न्यू दशहरा मैदान में 30 जनवरी को आयोजित इस महासम्मेलन में प्रदेश भर के कर्मचारी जुटे। इस दौरान भारतीय मजदूर संघ और रेलवे कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि नियमित कर्मचारियों की तरह संविदा वर्ग को भी नियमित अवसर प्राप्त होंगे और सरकार उनके साथ खड़ी है।
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