नई दिल्ली।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आम बजट पेश किया। करीब 85 मिनट के बजट भाषण में उन्होंने टैक्स फाइलिंग को आसान बनाने, रेलवे परियोजनाओं और आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई पहलों की घोषणा की, लेकिन आम आदमी के लिए किसी बड़े राहत पैकेज का ऐलान नहीं किया गया।
बजट भाषण में कोई सीधा चुनावी वादा भी देखने को नहीं मिला। तमिलनाडु की पारंपरिक कांजीवरम साड़ी पहनकर लोकसभा पहुंचीं वित्त मंत्री ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में होने वाले आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी कोई विशेष घोषणा नहीं की।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पेश हुए इस पहले बजट में सरकार ने भू-राजनीतिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए रक्षा बजट में बड़ी बढ़ोतरी की है। रक्षा बजट को ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया गया है, यानी कुल डिफेंस बजट में 15.2% की वृद्धि हुई है।
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रक्षा क्षेत्र में हथियार खरीद और आधुनिकीकरण पर विशेष फोकस किया गया है। पूंजीगत व्यय के तहत पिछले साल के ₹1.80 लाख करोड़ की तुलना में इस वर्ष ₹2.19 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे, जो करीब 22% की बढ़ोतरी दर्शाता है।
इधर, चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त उतार–चढ़ाव देखने को मिला। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक 1 जनवरी को चांदी ₹2.29 लाख प्रति किलो थी, जो 29 जनवरी को बढ़कर ₹3.79 लाख प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई। हालांकि 30 जनवरी को एक ही दिन में 10.7% की गिरावट के साथ इसके दाम ₹3,39,350 प्रति किलो रह गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर तो चांदी एक लाख रुपये से ज्यादा टूटकर ₹2.93 लाख प्रति किलो तक आ गई।
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मुनाफावसूली, डॉलर में मजबूती और निवेशकों की सतर्कता के चलते चांदी की कीमतों में यह तेज गिरावट दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों के आधार पर कीमती धातुओं के दामों में और उतार–चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
