नई दिल्ली।
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल), भोपाल की कई यूनिटों के अफसरों पर गिरेगी प्री–मैच्योर रिटायरमेंट की गाज । भले ही इन अफसरों को अपील का अवसर दिया हो लेकिन भारत सरकार प्री–मैच्योर रिटायरमेंट के मामले में गंभीर है सिर्फ बीएचईएल ही नहीं अन्य मंत्रालयों में भी इस तरह के नोटिस जारी किये हैं साफ जाहिर है कि जो अफसर कोर्ट से बचकर आ गया है वही नौकरी कर पायेगा बाकी की नौकरी खतरे में दिखाई दे रही है । हालांकि इस मामले को लेकर कुछ अफसर कोर्ट की शरण में जाने की पूरी तैयारी कर चुके हैं फिर भी भेल यूनिटों के स्थानीय भेल प्रबंधन ने इस मामले पर कोर्ट में कैविएट दायर कर दी है ।
अधिकारी ही नहीं बल्कि सुपरवाईजर और कर्मचारी भी डरे हुये हैं । इससे भेल के अफसर काफी डरे हुये दिखाई दे रहे हैं । वह अपने आप को बचाने के लिये दिल्ली तक दौड़ लगा रहे हैं । अब इसमें वह कितने सफल हो पायेंगे की नहीं यह अलग बात है लेकिन इस मामले में केंन्द्रीय भारी उद्योग मंत्रालय की दिलचस्पी उनके लिये परेशानी का सबब बनी हुई है । प्रबंधन काफी सख्त नजर आ रहा है । प्री–मैच्योर रिटायरमेंट को लेकर कुछ अफसरों का कहना है कि यह भेल प्रबंधन का समयपूर्व सेवानिवृत्ति का नोटिस न्याय संगत नहीं है । इधर प्रबंधन के मुताबिक यदि जिन अफसरों को नोटिस जारी किये हैं वह चाहें तो बीएचईएल की समयपूर्व सेवानिवृत्ति नीति के प्रावधानों के अंतर्गत आदेश की सूचना प्राप्त होने की तिथि से सात कार्य दिवसों के भीतर अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष लिखित रूप में अपील प्रस्तुत कर सकते हैं।
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भोपाल यूनिटे के इन अफसरों को प्री–मैच्योर रिटायरमेंट का नोटिस जारी
—एके मारू,
—जे.राजगोपाल
—नुन्नालाल वर्खेड़े
—डीके टोप्पो
—रवि शंकर अग्रवाल
—राज कुमार मिश्रा
—सुनील मिन्ज,
—श्रीमति मिनजुला
—राजुल अग्रवाल
—मिलिंद मेश्राम
—एमके भगत
