महाराष्ट्र की राजनीति से आज एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरे राज्य को सुन्न कर दिया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) अब हमारे बीच नहीं रहे। बुधवार सुबह बारामती में हुए एक दर्दनाक विमान हादसे में उनकी जान चली गई। 66 साल के ‘अजित दादा’ के जाने से न केवल पवार परिवार, बल्कि पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में मातम पसर गया है। शुरुआती खबरों के मुताबिक, यह हादसा बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुआ, जब प्लेन रनवे पर संतुलन खो बैठा।
बुधवार सुबह करीब 8:45 बजे का वक्त था, जब बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की तैयारी कर रहा चार्टर्ड प्लेन अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया।2 बताया जा रहा है कि लैंडिंग के दौरान प्लेन रनवे से फिसल गया (skidded) और अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया। चश्मदीदों की मानें तो धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के लोग सहम गए। इस खौफनाक एक्सीडेंट ने किसी को संभलने का मौका तक नहीं दिया और देखते ही देखते खुशियों वाला चुनावी माहौल गम में तब्दील हो गया।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस दुखद हादसे में 5 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।3 इस चार्टर्ड विमान में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ उनके निजी सहायक (PA), सुरक्षाकर्मी और विमान का क्रू मौजूद था।4 पहले चर्चा थी कि मृतकों की संख्या 6 हो सकती है, लेकिन बाद में साफ हुआ कि हादसे में कुल 5 जिंदगियां खत्म हुई हैं।5 अजित पवार जैसे कद्दावर नेता और उनके साथियों का इस तरह जाना महाराष्ट्र के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई मुमकिन नहीं है।+2
3. मुंबई से बारामती का वो ‘आखिरी’ सफर ### चुनाव सभा को संबोधित करने जा रहे थे पवार
अजित पवार बुधवार सुबह मुंबई से अपने गढ़ बारामती के लिए रवाना हुए थे। महाराष्ट्र पंचायत चुनाव (Panchayat Elections) के मद्देनजर उन्हें बारामती में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करना था। अपने समर्थकों और जनता के बीच जाने के लिए वे काफी उत्साहित थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जिस बारामती को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा, वही धरती उनके जीवन के आखिरी सफर का गवाह बनी।
हादसे की खबर मिलते ही समूचा पवार परिवार गहरे सदमे में है। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार मुंबई में थे, जबकि सुप्रिया सुले दिल्ली में थीं। जैसे ही उन्हें इस अनहोनी का पता चला, वे अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर तुरंत बारामती के लिए निकल पड़े। परिवार के अन्य सदस्य भी मुंबई से बारामती पहुंच रहे हैं। पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हजारों की संख्या में समर्थक अपने चहेते नेता के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं।
Read Also: कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने ध्वजा रोहण किया
DGCA और पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर लैंडिंग के वक्त ऐसा क्या हुआ कि प्लेन रनवे से बाहर चला गया? क्या यह खराब मौसम का नतीजा था या विमान में कोई तकनीकी खराबी आ गई थी? हादसे की तह तक जाने के लिए ब्लैक बॉक्स और अन्य सबूतों को जुटाया जा रहा है। सरकार ने भी इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।
