भोपाल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डीडवाना-कुचामन जिले के दौरे के दौरान जैन धर्म को जीवन जीने की एक पूर्ण कला बताते हुए कहा कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्यश्री महाश्रमणजी ने अपना सम्पूर्ण जीवन मानव कल्याण के लिए समर्पित किया है और उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने आचार्यश्री से आशीर्वचन प्राप्त किए और उनके विचारों को समाज के लिए मार्गदर्शक बताया। प्रवचन हॉल का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने लाडनूं में जैन विश्व भारती की नवनिर्मित “सुधर्मा सभा” प्रवचन हॉल का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र समाज में नैतिक मूल्यों और सद्भाव को मजबूत करते हैं।
सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को संरक्षित करने और उसे आधुनिक माध्यमों से नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अध्यात्म और संस्कृति समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, समाज के गणमान्य नागरिकों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
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