भोपाल
कैंसर का नाम सुनते ही मरीज और उनका परिवार घबराहट, डर और असमंजस में घिर जाता है। इलाज की जटिल प्रक्रिया और चिकित्सा संबंधी शब्दावली तथा अधूरी जानकारी के कारण कई बार मरीज मानसिक रूप से टूटने लगते हैं। इन्हीं परेशानियों को देखते हुए भोपाल एम्स ने कैंसर मरीजों के लिए एक विशेष बुकलेट विकसित की है, जो इलाज के दौरान उनकी सच्ची साथी बनेगी। एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा तैयार की जा रही यह बुकलेट सरल हिंदी और अन्य भाषाओं में उपलब्ध होगी, ताकि मरीज और उनके परिजन किसी भी बीमारी और उपचार को आसानी से समझ सकें।
इसमें कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जरी जैसे उपचार के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाएगी कि यह क्यों जरूरी है, कैसे किया जाता है और इससे जुड़ी संभावित समस्याओं से कैसे निपटा जा सकता है। बुकलेट की खासियत यह बुकलेट सिर्फ दवाओं और प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसमें इलाज के दौरान खान-पान, दिनचर्या, मानसिक स्थिति और व्यवहारिक जानकारी भी शामिल होगी। इसके माध्यम से मरीजों को गलत सलाह और अधूरी जानकारी से होने वाले नुकसान से बचाने का प्रयास किया जाएगा।
एम्स प्रशासन का कहना है कि यह बुकलेट कैंसर से जुड़े मरीजों के लिए मानसिक संबल का काम करेगी। इसमें मानसिक मजबूती बनाए रखने के तरीके भी बताए जाएंगे, ताकि मरीज सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी बीमारी से लड़ सकें। मरीजों को मिलेगा भरोसा और स्पष्टता डॉक्टरों का मानना है कि इलाज के दौरान सही जानकारी मरीजों के मन में विश्वास पैदा करती है। सही जानकारी से मरीज और डॉक्टरों के बीच संवाद बेहतर होता है, जिससे इलाज के परिणाम भी सकारात्मक होते हैं। एम्स की यह पहल कैंसर मरीजों के लिए न केवल मार्गदर्शक साबित होगी, बल्कि उन्हें जानकारी और आत्मविश्वास के साथ इलाज की प्रक्रिया से गुजरने में भी मदद करेगी।
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