भोपाल
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को राजनीतिक पारा उस समय चढ़ गया जब कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। इंदौर के यशवंत सागर क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार को घेरा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने हाथों में गंदे पानी से भरी बोतलें लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि दूषित पानी पीने से कई लोगों की जान गई, जो प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि सरकार मामले को गंभीरता से लेने के बजाय जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है। ‘स्वच्छ पानी’ के दावे पर सवाल नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
कार्रवाई तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी कांग्रेस विधायक दल ने स्पष्ट किया कि जब तक मृतकों के परिजनों को न्याय और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी विरोध जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल एक क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में पेयजल व्यवस्था से जुड़ा गंभीर सवाल है। वहीं, सत्तापक्ष ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि सरकार जनता को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विधानसभा परिसर में कुछ समय तक हंगामे की स्थिति बनी रही, बाद में कार्यवाही सामान्य रूप से संचालित हुई।
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