भोपाल
सूत्रों की माने तो भेल कारखाने में एक बड़ा हादसा इस वित्तीय वर्ष में टल गया है । एक कंपनी द्वारा आपूर्ति की गई 300 टन की क्रेन का मुख्य हिस्सा फटा था जो कर्मचारियों की सूझबूझ से सिर्फ हादसा ही नहीं टला बल्कि कई कर्मचारियों की जान भी बच गई । नहीं तो इस बार यहां एक बड़ी औद्योगिक दुर्घटना की त्रासदी झेलनी पड़ती ।
इस ब्लॉक को वर्ष 2021 में एक कंपनी द्वारा 300 टन क्षमता की एक क्रेन आपूर्ति की गई थी । सूत्र बतातें हैं कि इस क्रेन में काफी गंभीर विनिर्माण दोष होने का सनसनी खेज मामला भी उजागर हुआ है ।
क्रेन के मुख्य हिस्से (Main Structure) में अचानक ‘फाड़’ (Crack) आने से पूरे प्लांट में हड़कंप मच गया यदि यह क्रेन कार्य के दौरान गिर जाती, तो जान-माल का भारी नुकसान होना तय था।
पूरी क्षमता का उपयोग भी नहीं हुआ और फेल हो गई क्रेन
सूत्रों के अनुसार यह क्रेन अपनी स्थापना के बाद से अभी तक अपनी पूर्ण भार क्षमता (Full Capacity) के वजन पर जाँची भी नहीं गई थी। बिना किसी भारी लोड के ही क्रेन के मुख्य स्ट्रक्चर का जवाब दे जाना, इसकी निर्माण गुणवत्ता और सामग्री (Material Quality) पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जानकारों का कहना है कि 300 टन जैसी भारी भरकम क्रेन का इस तरह ‘स्ट्रक्चरल फेलियर’ होना इंजीनियरिंग के मानकों की खुली अनदेखी है।
कर्मचारियों की मुस्तैदी ने टला संकट
सूत्र बताते है कि हादसे की आहट मिलते ही भेल के अनुभवी कर्मचारियों ने अपनी सूझबूझ का परिचय दिया। अत्यंत जोखिम भरी स्थिति के बावजूद, कर्मचारियों ने क्रेन को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा और उसे ट्रेलर पर लोड कर सुधार कार्य हेतु वापस आपूर्तिकर्ता (Vendor) के पास भेज दिया है। संबंधित आपूर्तिकर्ता कंपनी ने भी प्रारंभिक तौर पर अपनी गलती स्वीकार करते हुए क्रेन को सुधारने की सहमति जताई है।
अफसरों की चुप्पी और भविष्य की सुरक्षा पर सवाल
भेल के गलियारों में अब यह चर्चा आम हो गई है कि क्या सिर्फ ‘मरम्मत’ करा लेना ही पर्याप्त है? कर्मचारियों का तर्क है कि जो मशीन अपनी क्षमता के शुरुआती दौर में ही फेल हो गई, क्या भविष्य में उस पर भरोसा किया जा सकता है? जानकारों का कहना है कि ब्लैकलिस्टिंग : क्या भेल प्रशासन ऐसी लापरवाह आपूर्तिकर्ता कंपनी को ब्लैकलिस्ट करेगा? सुरक्षा ऑडिट: क्या इस क्रेन की गुणवत्ता जांच (QC) करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी?आर्थिक नुकसान: क्रेन के खराब होने से उत्पादन में जो देरी हो रही है, उसकी भरपाई कौन करेगा?
फिलहाल, क्रेन को मरम्मत के लिए भेजा जा चुका है, लेकिन सुरक्षा और घटिया सामग्री की आपूर्ति का यह मुद्दा कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा रहा है।
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