अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ शासन की ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है। सरगुजा जिले के विकासखंड लुण्ड्रा के ग्राम ससौली और छिरोपारा जैसे पहुंचविहीन क्षेत्रों के लिए अब जिला मुख्यालय अंबिकापुर तक की राह न केवल सुगम हुई है, बल्कि ग्रामीणों के दैनिक जीवन में भी बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। ‘अंबिकापुर से कोरांधा-उरदरा’ मार्ग पर बस सेवा शुरू होने से दशकों पुराना पैदल सफर अब इतिहास बन गया है।
गिरवर यादव ने बताई अपनी आपबीती
ग्राम ससौली निवासी गिरवर यादव ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि इस योजना के प्रारंभ होने से पहले ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुँचने के लिए 8 से 10 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। कई बार घंटों पैदल चलने के बाद भी बस छूट जाती थी, जिससे पूरा दिन बर्बाद हो जाता और जरूरी काम रुक जाते थे।
विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और छात्रों के लिए यह स्थिति बेहद कष्टकारी थी। लेकिन अब बस सीधे गांव के करीब से होकर गुजरती है, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है। योजना के तहत संचालित बसों के कारण ग्रामीण अब आसानी से समय पर जिला मुख्यालय पहुँचकर अपना काम निपटाते हैं और शाम को उसी बस से सुरक्षित घर लौट आते हैं।
इस सुविधा ने न केवल आवागमन को सुरक्षित बनाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी को भी नई मजबूती प्रदान की है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस संवेदनशील निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहुंचविहीन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की यह पहल उनके जीवन स्तर को सुधारने में मील का पत्थर साबित हो रही है।
