जयपुर। एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (राल्सा) के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को एक भव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को समाज की ‘लाइब्रेरी’ बताते हुए कहा कि उनका अनुभव, विद्वता और न्याय-दृष्टि देश की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने युवा पीढ़ी और कानून के छात्रों से आह्वान किया कि वे वरिष्ठ न्यायाधीशों से हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने विधिक सेवाओं को अधिक सुलभ और सशक्त बनाने के लिए मल्टी यूटिलिटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने विवादों के निपटारे के लिए मध्यस्थता (Mediation) पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोर्ट में लंबी कानूनी प्रक्रिया से पहले नागरिकों को मध्यस्थता केंद्र या लोक अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहिए। जस्टिस सूर्यकांत ने रेखांकित किया कि न्यायाधीश हर उस व्यक्ति की आखिरी उम्मीद होते हैं जिसे न्याय की जरूरत है और उनके शब्द समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नींव रखते हैं।
न्यायपालिका में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट के नवाचार ‘यूनिफॉर्म रजिस्ट्रेशन नंबर सिस्टम’ का इस सम्मेलन में आधिकारिक शुभारंभ किया गया। साथ ही, पूर्व न्यायाधीशों द्वारा लिखे गए महत्वपूर्ण लेखों (आर्टिकल्स) की एक संकलन पुस्तक का भी विमोचन किया गया, जो कानून के क्षेत्र में शोध करने वालों के लिए मार्गदर्शक साबित होगी।
