भोपाल। राजधानी में जनगणना और मकानों के सूचीकरण कार्य को गति देने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए 1 मई से 30 मई 2026 तक उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है, जिनकी ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, जनगणना और मकानों के नंबर डालने (सूचीकरण) जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए भोपाल के विभिन्न विभागों से 6 हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती की गई है। कार्य की समय-सीमा और महत्व को देखते हुए सभी प्रकार के अवकाश प्रतिबंधित किए गए हैं। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना से जुड़े कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना है, इसलिए इस दौरान किसी भी कर्मचारी को मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
हालांकि, प्रशासन ने मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट का प्रावधान भी रखा है। यदि किसी कर्मचारी के परिवार में कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या (मेडिकल इमरजेंसी) आती है या कोई अनिवार्य पारिवारिक कार्य होता है, तो ऐसी स्थिति में उन्हें अपने संबंधित कार्यालय प्रमुख की विशेष अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के कार्य से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
