भोपाल। राजधानी के अवधपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली सबसे पुरानी कॉलोनी ‘शुभालय विला’ (कवि पेट्रोल पंप के पास) में शराब दुकान के विरोध में जनाक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। रिहायशी इलाके से शराब की दुकान हटाने और इसे किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की मांग को लेकर कॉलोनी के रहवासी पिछले 40 दिनों से अनवरत धरने पर बैठे हैं। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय रहवासी गोविन्दपुरा विधान सभा क्षेत्र की मिधायक व राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर से मिले।
इस आंदोलन की खास बात यह है कि इसकी कमान कॉलोनी की महिलाओं ने अपने हाथों में ले रखी है। जया भदौरिया, विभूति परांजपे, प्रशांति, विनीता गुप्ता और मंजू चौधरी की अगुवाई में महिलाएं रोज प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदर्शनकारियों के गगनभेदी नारों से पूरा अवधपुरी क्षेत्र गूंज उठता है। महिलाओं का कहना है कि रिहायशी इलाके में शराब दुकान होने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे बहू-बेटियों का घर से निकलना दूभर हो गया है। कॉलोनी के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि प्रशासन की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने शराब की दुकान को ‘राक्षस’ की संज्ञा देते हुए कहा, “जब तक शासन इस दुकान को बंद करने या स्थानांतरित करने का साहसिक निर्णय नहीं लेता, तब तक यह धरना लगातार चलता रहेगा। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। 40 दिन बीत जाने के बाद अब इस आंदोलन को आसपास की अन्य कॉलोनियों और आम नागरिकों का भी भारी समर्थन मिल रहा है।
इस पूरे आंदोलन में बी.के. खरे, योगेंद्र सिंह, एपी खरे, सोलंकी, मृगेंद्र बनर्जी, नायक, भरत गुप्ता सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि पेट्रोल पंप और पुरानी बस्ती के बीच शराब की दुकान खोलना सुरक्षा और शांति दोनों के लिहाज से गलत है। अब देखना यह है कि प्रशासन स्थानीय लोगों की इस जायज मांग पर कब तक संज्ञान लेता है।
