रायपुर/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर में सुरक्षा के साथ-साथ हो रहे चहुंमुखी विकास की जानकारी साझा की। इस उच्च स्तरीय बैठक में बस्तर के बदलते स्वरूप और विशेषकर ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ की सफलताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री को बताया कि बस्तर के दुर्गम जंगलों और सुदूर गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं अब ग्रामीणों के द्वार तक पहुँच रही हैं। 13 अप्रैल 2026 को सुकमा से शुरू हुए इस अभियान के तहत महज एक महीने में 21.86 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। इन सभी का डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है। जिन इलाकों में कभी एम्बुलेंस पहुंचना नामुमकिन था, वहां अब मेडिकल टीमें पैदल पहुंचकर लोगों का निःशुल्क इलाज कर रही हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने एक बड़ा बदलाव साझा करते हुए बताया कि बस्तर में अब पुराने सुरक्षा शिविर केवल मोर्चाबंदी तक सीमित नहीं हैं। इन्हें ‘जन सुविधा केंद्र’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इन केंद्रों पर ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही छत के नीचे मिल रहा है। ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) अभियान के जरिए 31 महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा रहा है। बस्तर वासियों को अब गंभीर इलाज के लिए रायपुर या बिलासपुर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जगदलपुर में नया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक चिकित्सा उपलब्ध हो गई है। मुख्यमंत्री ने सुकमा के एक दुर्गम गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक गंभीर मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई गई, जो क्षेत्र में बढ़ते भरोसे का प्रतीक है।
