चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने अमृतसर दौरे के दौरान आज एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने जा रहे हैं। यह उच्च स्तरीय बैठक आज शाम 7 बजे रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल के साथ आयोजित की जाएगी, जिसमें पंजाब के जल संसाधनों से जुड़े लंबे समय से लंबित और विवादित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य के पानी के अधिकारों, नदियों के जल बंटवारे की समीक्षा करना और भविष्य की बढ़ती जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कोई ठोस और स्थायी समाधान तलाशना है।
पंजाब सरकार लगातार यह मांग उठाती रही है कि राज्य के हिस्से का पानी उसे उचित और पूर्ण रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रदेश के किसानों और आम जनता की जरूरतों को पूरा किया जा सके। माना जा रहा है कि इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब का पक्ष बेहद मजबूती के साथ ट्रिब्यूनल के समक्ष रखेंगे। वे रावी, ब्यास और सतलुज नदियों के पानी के न्यायसंगत वितरण की मांग को एक बार फिर दोहराएंगे और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि किसी भी स्थिति में राज्य के हितों के साथ कोई समझौता न हो।
चूंकि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और यहाँ की पूरी अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन काफी हद तक जल संसाधनों पर ही निर्भर करता है, इसलिए पानी से जुड़े इन विवादों का निपटारा राज्य के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि लंबे समय से चले आ रहे इन विवादों का समाधान आपसी सहमति, पारदर्शिता और एक न्यायसंगत नीति के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
