चंडीगढ़। पंजाब में खेती-किसानी, कृषि अनुसंधान और किसानों की आय बढ़ाने जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर आज आयोजित होने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण हाई-लेवल बैठक को ऐन वक्त पर रद्द कर दिया गया। इस वीआईपी बैठक को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के चाक-चौबंद और पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल विशेष तौर पर शामिल होकर पंजाब के कृषि रोडमैप पर चर्चा करने वाले थे। हालांकि, यह बेहद महत्वपूर्ण बैठक किस वजह से अचानक रद्द की गई है, शासन या प्रशासन द्वारा इसके कारणों की कोई आधिकारिक जानकारी फिलहाल साझा नहीं की गई है।
इस उच्च स्तरीय बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद , पंजाब सरकार और पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के कई शीर्ष अधिकारी और देश के जाने-माने कृषि वैज्ञानिक एक मंच पर जुटने वाले थे। बैठक के मुख्य एजेंडे में फसल अनुसंधान को बढ़ावा देने, कम पानी वाली धान की नई किस्मों को विकसित करने, आधुनिक कृषि तकनीक, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट (फसल कटाई के बाद प्रबंधन) और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने जैसे दूरगामी मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श होना तय था।
बैठक में शामिल होने के लिए देश और राज्य के कई वरिष्ठ नीति निर्माता और वैज्ञानिक पहले ही आयोजन स्थल पर पहुंच चुके थे। इनमें मुख्य रूप से डीएआरई के सचिव एवं आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. मंगी लाल जाट, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अर्शदीप सिंह थिंद, डॉ. राजवीर सिंह, डॉ. नचिकेत कोटवाली वाले, डॉ. एच.एस. जाट और डॉ. परविंदर श्योराण समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे। इनके अलावा पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) लुधियाना से डायरेक्टर रिसर्च डॉ. अजमेर सिंह धत्त, डायरेक्टर एक्सटेंशन एजुकेशन डॉ. माखन सिंह भुल्लर, एडिशनल डायरेक्टर रिसर्च डॉ. गुरजीत सिंह मंगत और एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विशाल बेक्टर भी इस अहम विचार-मंथन का हिस्सा बनने के लिए पूरी तैयारियों के साथ शामिल होने वाले थे।
