राजस्थान। बांसवाड़ा राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण और समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बांसवाड़ा दौरे के दौरान जिला कलेक्ट्री सभागार में जिलास्तरीय अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल दफ्तरों में न बैठें, बल्कि फील्ड विजिट पर विशेष फोकस करें और जनता की समस्याओं का स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) लेकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय और समर्पित भाव से कार्य करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पंक्ति के अंतिम छोर पर बैठे पात्र व्यक्ति तक पहुंचाएं। बैठक में कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने और जनसमस्याओं के निस्तारण में ढिलाई को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए बांसवाड़ा नगर परिषद के आयुक्त (कमिश्नर) को तत्काल प्रभाव से एपीओ (पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा में) करने के निर्देश जारी कर दिए, जिससे प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया। बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं और विकास योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की।
आगामी समय को देखते हुए उन्होंने सिंचाई और पेयजल संकट से निपटने के लिए जिले की सभी प्रमुख नहरों, जलमार्गों और तालाबों की समय रहते सघन साफ-सफाई और जीर्णोद्धार कराने के कड़े निर्देश दिए, ताकि जलभराव और सुचारू आपूर्ति में कोई बाधा न आए। इसके साथ ही, बांसवाड़ा के पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक अनूठी और महत्वाकांक्षी पर्यावरण कार्ययोजना की घोषणा की। उन्होंने बताया कि जिले में जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए विशेष ‘चंदन वन’ विकसित किए जाएंगे, जिसके अंतर्गत आगामी समय में क्षेत्र में 11 हजार चंदन के औषधीय और मूल्यवान पौधे रोपे जाएंगे। इस मुहिम से न केवल क्षेत्र का हरित आवरण बढ़ेगा, बल्कि भविष्य में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए साधन भी विकसित होंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लेती-देती या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय-समय पर इसकी उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग की जाती रहेगी।
