चंडीगढ़। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को अचानक गुरुग्राम पहुंचे। दोनों शीर्ष नेताओं ने भोंडसी जेल पहुंचकर वहां बंद आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा से मुलाकात की। जेल प्रशासन से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद केजरीवाल और मान ने करीब 20 मिनट तक संजीव अरोड़ा से जेल के एक अलग कमरे में बातचीत की।
दोनों मुख्यमंत्रियों के इस अचानक हुए दौरे को लेकर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। उल्लेखनीय है कि मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गत 9 मई को मनी लॉन्ड्रिंग और ₹100 करोड़ से अधिक के फर्जी जीएसटी (GST) घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया था। ईडी की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद सो—मवार (18 मई) को गुरुग्राम की विशेष अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था, जहां उनकी अगली पेशी 1 जून को होनी है। फर्जीवाड़े का आरोप (2023): संजीव अरोड़ा की कंपनी ‘HSRL’ पर कागजों में ₹157.12 करोड़ के मोबाइल बेचने और दुबई में ₹102 करोड़ के फर्जी एक्सपोर्ट का आरोप लगा था। ईडी का पहला एक्शन (अप्रैल 2026): विदेशी लेनदेन और एक्सपोर्ट दस्तावेजों में गड़बड़ी पाए जाने पर ईडी ने फेमा (FEMA) के तहत अरोड़ा के ठिकानों पर पहली बार छापेमारी की। मनी लॉन्ड्रिंग का केस (5 मई 2026): दिल्ली की शेल कंपनियों के जरिए गलत जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने का खुलासा होने पर ईडी ने संजीव अरोड़ा और 3 अन्य के खिलाफ पीएमएलए (PMLA) के तहत नया केस दर्ज किया।
आधिकारिक गिरफ्तारी (9 मई 2026): चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित सरकारी आवास पर लंबी पूछताछ के बाद संजीव अरोड़ा को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। हाईकोर्ट में चुनौती: संजीव अरोड़ा के बेटे काव्या अरोड़ा ने इस गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में आरोप लगाया गया कि ईडी ने महज 35 मिनट में ही 17 पन्नों का पहले से तैयार ‘अरेस्ट ग्राउंड’ सौंप दिया था, जिसकी अगली सुनवाई 25 मई को होनी है।
