चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में सोमवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब शिरोमणि अकाली दल के गढ़ और सिख संस्थागत राजनीति से जुड़े मजीठिया परिवार के प्रमुख सदस्यों ने आम आदमी पार्टी (AAP) का दामन थाम लिया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की उपस्थिति में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान राजमहिन्द्र सिंह मजीठिया, पूर्व आरटीआई (RTI) कमिश्नर हेमइंद्र सिंह मजीठिया और चीफ खालसा दीवान के वरिष्ठ सदस्य सुखदीप सिंह मजीठिया औपचारिक रूप से ‘आप’ में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी नेताओं को पार्टी का सिरोपा पहनाकर और मिठाई खिलाकर ‘आप’ परिवार में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
पार्टी नेतृत्व ने इस घटनाक्रम को पंजाब में संगठन के लिए एक “बड़ा और अहम विस्तार” करार दिया है। आम आदमी पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि पंजाब के धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में गहरा प्रभाव रखने वाली इन प्रमुख हस्तियों के जुड़ने से पार्टी को राज्य में एक नई और अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। पार्टी में शामिल होने के बाद नेताओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने वर्तमान पंजाब सरकार की लोक-पक्षीय और जनहितैषी नीतियों से प्रभावित होकर यह कदम उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की तरक्की और खुशहाली के लिए वे सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चीफ खालसा दीवान और मजीठिया परिवार से जुड़े इन दिग्गजों का ‘आप’ में आना मालवा और सिख पंथिक राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने इस मौके पर विश्वास जताया कि अनुभवी और पंजाब की बेहतरी सोचने वाले इन नए साथियों के साथ सरकार के “रंगला पंजाब” के विजन और विकास एजेंडे को और अधिक गति मिलेगी। इस बड़े सियासी घटनाक्रम के बाद जहां आम आदमी पार्टी के हौसले बुलंद हैं, वहीं विपक्षी खेमे में हलचल तेज हो गई है।
