रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर सावरकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर प्रदेश के वित्तमंत्री ओपी चौधरी और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीर सावरकर के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए कहा कि वे केवल स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी ही नहीं थे, बल्कि राष्ट्रचेतना, अदम्य साहस और सामाजिक जागरण के प्रखर प्रतीक भी थे। उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन कड़े संघर्ष और तपस्या में समर्पित कर दिया। अंग्रेजों द्वारा दी गई तमाम कठिन परिस्थितियों और अमानवीय यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संकल्प कभी डगमगाया नहीं। अंडमान की सेल्यूलर जेल में रहते हुए भी उन्होंने देश की आजादी की अलख जगाए रखी।
मुख्यमंत्री ने सावरकर के सामाजिक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए आगे कहा कि वीर सावरकर ने समाज में व्याप्त छुआछूत, जातिवाद और भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी मुखर होकर आवाज उठाई थी। उन्होंने सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सतत और ऐतिहासिक प्रयास किया। उनकी क्रांतिकारी लेखनी, दूरदर्शी विचार और कर्म आज भी समस्त देशवासियों को राष्ट्रहित, आत्मगौरव और सामाजिक सद्भाव की निरंतर प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि सावरकर के विचार आज भी हमारी युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं, इसलिए हमें उनके बताए आदर्श पथ पर चलते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए संकल्पित रहना चाहिए।
