भोपाल। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को कुल 188 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें कई मामलों ने अधिकारियों का ध्यान खींचा, लेकिन सबसे भावुक मामला ईदगाह हिल्स निवासी 81 वर्षीय पूरन सिंह यादव का रहा। लकवा से पीड़ित बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि जिस बेटी को उन्होंने पत्नी की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति दिलाई, उसी ने अब उन्हें घर से बेदखल कर दिया है।
पूरन सिंह यादव ने आवेदन में बताया कि उनकी पत्नी शासकीय सेवा में कार्यरत थीं। उनके निधन के बाद परिवार को मिलने वाली अनुकंपा नियुक्ति के लिए उन्होंने बेटों की बजाय बेटी हेमा यादव को प्राथमिकता दी थी। उस समय बेटी ने उनकी देखभाल और परिवार का साथ निभाने का वादा किया था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है।
बुजुर्ग का आरोप है कि बेटी ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है और उन्हें रहने तथा खाने-पीने तक की उचित व्यवस्था नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि वे लकवा की बीमारी से पीड़ित हैं और चलने-फिरने में भी कठिनाई होती है। पूरन सिंह के अनुसार, बेटी के पास पहले से दो प्लॉट और शीतल नगर में एक मकान मौजूद है, इसके बावजूद वह उनके घर में रह रही है और उन्हें ही वहां से बाहर कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए एसडीएम बैरागढ़ को निर्देशित किया है।
