शिमला/चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर बाहरी राज्यों के वाहनों से वसूले जा रहे एंट्री टैक्स के विरोध में पंजाब के कीरतपुर में निहंगों द्वारा हिमाचल की गाड़ियों से ‘खालसा टैक्स’ वसूलने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की। हिमाचल के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस मुलाकात की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने पंजाब सरकार से इस संवेदनशील मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और दोषियों के खिलाफ उचित व सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
दरअसल, बीते बुधवार को पंजाब के कीरतपुर में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक हिमाचल नंबर के वाहनों को रोककर निहंगों द्वारा जबरन खालसा टैक्स के पर्चे काटे गए। हालांकि, बाद में पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों की समझाइश और हस्तक्षेप के बाद दोपहर बाद इस टैक्स की वसूली को बंद कराया जा सका। इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हिमाचल के कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने इसे अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब भी हिमाचल प्रदेश में पर्यटन का मुख्य सीजन शुरू होता है, तभी कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा राज्य की छवि खराब करने के लिए इस तरह की हरकतें की जाती हैं।
उन्होंने हाल ही में कसोल में पर्यटकों द्वारा चलाई गई गोली की घटना का हवाला देते हुए कहा कि बॉर्डर पर इस तरह गैर-कानूनी ढंग से ‘खालसा टैक्स’ वसूलना पूरी तरह अवैध है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री नेगी ने स्पष्ट किया कि निहंगों ने यह कदम हिमाचल सरकार द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में उठाया है और वे इसके जरिए संदेश देना चाहते हैं कि हिमाचल का टैक्स गलत है, जिसे तुरंत खत्म किया जाना चाहिए।
